बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS)

भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश में आलू की खरीद, आंध्र प्रदेश में चना खरीद और कर्नाटक में तुअर (अरहर) की खरीद समय सीमा के विस्तार को औपचारिक मंजूरी दे दी है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के इन निर्णयों का मुख्य उद्देश्य किसानों को कीमतों में गिरावट से बचाना है।

प्रमुख निर्णय और मंजूरी

  • उत्तर प्रदेश (आलू खरीद): मंत्रालय ने कृषि वर्ष 2025-26 के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना (Market Intervention Scheme – MIS) के तहत आलू खरीदने के उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
  • आंध्र प्रदेश (चना खरीद): सरकार ने मूल्य समर्थन योजना (Price Support Scheme – PSS) के तहत आंध्र प्रदेश में 94,500 मीट्रिक टन चना (बेंगॉल ग्राम) खरीदने के अनुरोध को स्वीकार किया है।
  • कर्नाटक (तुअर विस्तार): खरीफ 2025-26 सीजन के लिए कर्नाटक में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर तुअर (अरहर) की चल रही खरीद की अवधि को 30 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। 

बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) क्या है?

बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS), पीएम-आशा (PM-AASHA) योजना का एक महत्वपूर्ण घटक है। इसकी कार्यप्रणाली नीचे दी गई है:

  • उद्देश्य: उन खराब होने वाली (perishable) कृषि और बागवानी वस्तुओं (जैसे टमाटर, प्याज, आलू आदि) के लिए किसानों को सुरक्षा प्रदान करना, जिनके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू नहीं होता है।
  • लागू करने की शर्त: यह योजना तब लागू की जाती है जब बाजार की कीमतें पिछले सामान्य सीजन की तुलना में कम से कम 10% गिर जाती हैं।
  • प्रक्रिया: राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकार के अनुरोध पर इसे लागू किया जाता है ताकि किसानों को ‘डिस्ट्रेस सेल’ (मजबूरी में कम कीमत पर बेचना) न करना पड़े।
  • महत्व: यह सुनिश्चित करता है कि उत्पादन अधिक होने की स्थिति में भी किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

मूल्य समर्थन योजना (PSS)चना और तुअर जैसी दलहनी फसलों के लिए मूल्य समर्थन योजना (PSS) का उपयोग किया जाता है, जहाँ सरकार बाजार भाव MSP से नीचे गिरने पर सीधे किसानों से खरीद सुनिश्चित करती है।

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