अंतर्देशीय जलमार्ग

भारत सरकार ने परिवहन क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य सड़क और रेल से कार्गो (माल) को जल परिवहन की ओर स्थानांतरित करना है। 

प्रमुख घोषणाएं और लक्ष्य

  • 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग: अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों (National Waterways) को क्रियान्वित किया जाएगा।
  • तटीय कार्गो प्रोत्साहन योजना: इस योजना के माध्यम से माल परिवहन को सड़क/रेल से जलमार्ग पर लाया जाएगा।
  • 2047 का लक्ष्य: अंतर्देशीय जलमार्गों और तटीय शिपिंग की कुल हिस्सेदारी को वर्तमान के 6% से बढ़ाकर 2047 तक 12% करने का लक्ष्य है।
  • शिप रिपेयर इकोसिस्टम: वाराणसी और पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए समर्पित जहाज मरम्मत केंद्र स्थापित किए जाएंगे। 

राष्ट्रीय जलमार्ग-5 (NW-5): ओडिशा का नया गलियारा

ओडिशा में राष्ट्रीय जलमार्ग-5 को खनिज समृद्ध क्षेत्रों और औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने के लिए विकसित किया जा रहा है:

  • कनेक्टिविटी: यह तालचेर और अनुगुल के खनिज क्षेत्रों को कलिंग नगर जैसे औद्योगिक केंद्रों और पारादीप तथा धामरा बंदरगाहों से जोड़ेगा।
  • कौशल विकास: स्थानीय युवाओं को लाभ पहुँचाने और कुशल जनशक्ति तैयार करने के लिए NW-5 के किनारे क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र (Regional Centres of Excellence) स्थापित किए जाएंगे। 

अंतर्देशीय जलमार्ग: संधारणीयता और दक्षता

अंतर्देशीय जलमार्ग क्या हैं?

ये देश के भीतर नौगम्य जल चैनल हैं (जैसे नदियाँ, नहरें, झीलें और लैगून) जो समुद्र का हिस्सा नहीं हैं। ये कम से कम 50 टन क्षमता वाले जहाजों के चलने के अनुकूल होते हैं।

परिवहन की तुलना (ILO के अनुसार):

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) जल परिवहन को सबसे संधारणीय मानता है क्योंकि:

  • ऊर्जा की बचत: सड़क परिवहन की तुलना में 3-6 गुना और रेल की तुलना में 2 गुना कम ऊर्जा की खपत होती है।
  • क्षमता: 2,000 टन क्षमता वाला एक मानक जलपोत लगभग 125 ट्रकों (प्रत्येक 16 टन क्षमता) की जगह ले सकता है।
  • पर्यावरण: इसमें शोर कम होता है और उत्सर्जन (Emissions) भी बहुत कम होता है।  
मानकलक्ष्य / स्थिति
IWT मॉडल शेयर (वर्तमान से 2030)2% से बढ़ाकर 5% करना
कार्गो वॉल्यूम लक्ष्य (2030)200 MMT (मिलियन मेट्रिक टन) से अधिक
कार्गो वॉल्यूम लक्ष्य (2047)500 MMT
कुल घोषित राष्ट्रीय जलमार्ग111 (राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम, 2016 के तहत)
कुल लंबाई (NWs)20,187 किमी (23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में)
संचालित जलमार्ग (मार्च 2026 तक)32 (कुल 5,155 किमी)

मैरीटाइम अमृत काल विजन

सरकार का मुख्य उद्देश्य ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन’ के तहत लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना है। इसके लिए बंदरगाहों, जलमार्ग टर्मिनलों और औद्योगिक गलियारों को जोड़ने वाली राजमार्ग परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

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