52वां G7 शिखर सम्मेलन

52वां G7 शिखर सम्मेलन 15-17 जून को फ्रांस के एवियन (Evian) में आयोजित किया गया था, जिसमें दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं ने बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने “प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करना” विषय पर एक वर्किंग डिनर की मेजबानी की। फ्रांस में G7 नेताओं ने वैश्विक स्थिरता, सुरक्षा सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करते हुए घोषणाओं की एक श्रृंखला को अपनाया है। 

अपने बयान में, नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत किया। नेताओं ने इस समझौते को क्षेत्रीय तनाव को कम करने और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के एक अवसर के रूप में वर्णित किया। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से सुरक्षित समुद्री मार्ग के महत्व पर भी जोर दिया और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के कदमों का समर्थन किया।

एक अन्य घोषणा में, G7 ने मादक पदार्थों की तस्करी (ड्रग ट्रैफिकिंग) के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का संकल्प लिया, और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं आर्थिक स्थिरता के लिए एक बढ़ते खतरे के रूप में बताया। भागीदार देशों ब्राजील और दक्षिण कोरिया ने भी इस पहल का समर्थन किया। नेताओं ने रेखांकित किया कि मादक पदार्थों के नेटवर्क तेजी से परिष्कृत (sophisticated) होते जा रहे हैं और सीमाओं के पार काम कर रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचार, हिंसा और अवैध वित्तीय प्रवाह को बढ़ावा मिल रहा है। इससे निपटने के लिए, वे आपूर्ति और मांग दोनों को लक्षित करने वाले एक समन्वित, साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण पर सहमत हुए, जिसमें बंदरगाह और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी फ्रांस के एवियन में G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में “नई साझेदारियाँ बनाना और अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण करना” विषय पर बात की। G7 शिखर सम्मेलन कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूके और यूएसए जैसे G7 सदस्य देशों के नेताओं के लिए सालाना आयोजित होने वाला एक अंतरराष्ट्रीय मंच है।

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