डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट)

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आगामी विधानसभा चुनावों में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों (PwDs), सेवा मतदाताओं और चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) के माध्यम से मतदान की सुविधा प्रदान करने के लिए कई उपायों की घोषणा की है।

जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के तहत, 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं और चुनावी रोल में चिह्नित दिव्यांगों को डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान करने की अनुमति दी जाएगी। पात्र मतदाता चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर अपने बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) के माध्यम से रिटर्निंग ऑफिसर को फॉर्म 12D जमा करके इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

इसके बाद, मतदान दल पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार मतों को एकत्र करने के लिए उनके निवास स्थान पर जाएंगे, जिसकी जानकारी उम्मीदवारों के साथ भी साझा की जाएगी। यह सुविधा मतदान के दिन अनिवार्य सेवाओं में लगे मतदाताओं के लिए भी बढ़ाई गई है। इनमें अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य सेवा, बिजली, यातायात प्रबंधन, एम्बुलेंस सेवा, विमानन और लंबी दूरी की सरकारी परिवहन सेवाओं के कर्मी शामिल हैं।

चुनाव आयोग द्वारा चुनाव के दिन की कवरेज के लिए अधिकृत मीडिया कर्मियों को भी अनिवार्य सेवाओं वाले ‘अनुपस्थित मतदाता’ (absentee voters) की श्रेणी में शामिल किया गया है और वे डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान करने के पात्र होंगे।

चुनावी ड्यूटी पर तैनात मतदाताओं को उनके डाक मतपत्र निर्धारित सुविधा केंद्रों (facilitation centres) पर प्राप्त होंगे, जहाँ वे अपना वोट डाल सकेंगे। आयोग ने इन केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया के दौरान पूर्ण गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सशस्त्र बलों के सदस्यों सहित सेवा मतदाताओं को चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची अंतिम रूप दिए जाने के बाद इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्र प्रणाली (ETPBS) के माध्यम से उनके डाक मतपत्र भेजे जाएंगे। उन्हें इसके लिए कोई डाक शुल्क नहीं देना होगा।

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