राजनयिक पद पर राजनीतिक नियुक्तियां और कैबिनेट रैंक वाले राजदूत

भारत सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का नया उच्चायुक्त (High Commissioner) नियुक्त किया है। एनडीए (NDA) सरकार के 12 साल के कार्यकाल में यह पहला मौका है जब किसी राजनीतिक नेता को राजदूत/उच्चायुक्त बनाकर भेजा गया है। इसके साथ ही दिनेश त्रिवेदी को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री का दर्जा (Cabinet Rank) भी दिया गया है, जो इस नियुक्ति को विशेष और दुर्लभ बनाता है।

क्या होती है ‘राजनीतिक नियुक्ति’ (Political Appointment)?

आमतौर पर विदेशों में राजदूत के रूप में भारतीय विदेश सेवा (IFS) के करियर राजनयिकों को तैनात किया जाता है। लेकिन जब किसी ऐसे व्यक्ति को यह जिम्मेदारी दी जाती है जो इस सेवा से नहीं है, तो उसे ‘राजनीतिक नियुक्ति’ कहा जाता है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में ऐसी नियुक्तियां कम ही देखने को मिली हैं।
  • हाल ही में, अमेरिका में वर्तमान भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा को सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) के बाद भेजा गया, जिसे राजनीतिक नियुक्ति माना जाता है।
  • इससे पहले 2019 में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग को सेशेल्स में भारत का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था।

कैबिनेट रैंक: एक दुर्लभ सम्मान

राजनीतिक नियुक्तियां तो फिर भी हुई हैं, लेकिन किसी राजदूत को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देना बेहद दुर्लभ है। पीएम मोदी के नेतृत्व में यह पहली बार है जब किसी राजनीतिक रूप से नियुक्त राजदूत को कैबिनेट रैंक मिली है। हालांकि, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों में इसके कुछ उदाहरण मिलते हैं:

राजदूत/उच्चायुक्तकहाँ दी गई सेवाऐतिहासिक संदर्भ
विजयलक्ष्मी पंडितअमेरिका/अन्य देशआजादी के तुरंत बाद कैबिनेट रैंक पाने वाली पहली राजदूत
टी.एन. कौलमास्को (रूस)सेवा के दौरान कैबिनेट दर्जा दिया गया
डॉ. करण सिंहअमेरिकाकैबिनेट रैंक के साथ राजदूत नियुक्त हुए
डी.पी. धरमास्को (रूस)दूसरी बार मास्को भेजे जाने पर कैबिनेट दर्जा मिला

कैबिनेट दर्जा देने के मायने और इसके दो मुख्य उद्देश्य:

राजदूत को कैबिनेट का दर्जा देने के पीछे भारत सरकार के दो बड़े कूटनीतिक संदेश हैं:

  1. प्रधानमंत्री से सीधा संपर्क: इस दर्जे का पहला लाभ यह है कि दिनेश त्रिवेदी का प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से सीधा संपर्क होगा। उन्हें अपनी बात पहुंचाने के लिए विदेश सचिव या विदेश मंत्री के पदानुक्रम (Hierarchy) से गुजरने की जरूरत नहीं होगी।
  2. ढाका (बांग्लादेश) को सीधा संदेश: इससे बांग्लादेश सरकार को यह स्पष्ट संकेत जाता है कि इस व्यक्ति को भारत के प्रधानमंत्री का बेहद उच्च राजनीतिक विश्वास हासिल है। दिनेश त्रिवेदी वहां केवल कैबिनेट रैंक के मंत्रियों या खुद वहां के प्रधानमंत्री से ही सीधे मुलाकात और बातचीत करेंगे।

Source: IE

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