राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने ‘कृषि जैव विविधता’ पर विशेषज्ञ समिति का पुनर्गठन किया
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने जैव विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 13(1) के तहत ‘कृषि जैव विविधता’ (Agrobiodiversity) पर अपनी विशेषज्ञ समिति का पुनर्गठन किया है। इस समिति का कार्यकाल एक वर्ष के लिए निर्धारित किया गया है।
इस समिति का मुख्य उद्देश्य कृषि जैव विविधता के संरक्षण, उसके सतत उपयोग, और ‘पहुंच एवं लाभ-साझाकरण’ (ABS) से संबंधित मामलों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करना है।
समिति का नेतृत्व
- अध्यक्ष: पद्मश्री डॉ. पी. एल. गौतम। वे एक प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक हैं और राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) तथा ‘पादप किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण’ (PPVFRA) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें कृषि विज्ञान में उनके विशिष्ट योगदान के लिए हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।
- सह-अध्यक्ष: PPVFRA के वर्तमान अध्यक्ष इस समिति में सह-अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे।
समिति की भूमिका और महत्व
- परामर्शदात्री निकाय: कृषि जैव विविधता पर यह विशेषज्ञ समिति वर्ष 2005 से ही NBA के एक महत्वपूर्ण सलाहकार निकाय के रूप में कार्य कर रही है। इसे कृषि आनुवंशिक संसाधनों से संबंधित उभरते मुद्दों को संबोधित करने के लिए समय-समय पर पुनर्गठित किया जाता है।
- रणनीतिक लक्ष्य: यह समिति भारत की अद्यतन ‘राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीतियों और कार्य योजनाओं’ (NBSAPs) के लक्ष्य 4 और 13 को प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेगी।


