मोरेल्स या मोर्चेला (Morchella)
शेर-ए-कश्मीर कृषि और विज्ञान विश्वविद्यालय (SKUAST), श्रीनगर ने पहली बार नियंत्रित परिस्थितियों में दुनिया के सबसे महंगे और दुर्लभ खाद्य मशरूम की खेती करने में सफलता प्राप्त की है। मोरेल्स या मोर्चेला (Morchella), जिसे स्थानीय स्तर पर ‘कंगेच’ (Kangaech) के नाम से जाना जाता है, प्राकृतिक रूप से केवल विशिष्ट ऊंचाई वाले वन पारिस्थितिकी तंत्र में एक सीमित वर्षा ऋतु के दौरान उगता है। इसकी कीमत 15,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच होती है।
मोर्चेला एक अत्यधिक मूल्यवान ‘गॉरमेट’ मशरूम है, जो अपने तीव्र और विशिष्ट स्वाद, बेहतर पोषण संबंधी प्रोफाइल और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। जंगली मोर्चेला की कटाई एक श्रमसाध्य और समय लेने वाली प्रक्रिया है, क्योंकि इसे इकट्ठा करने वाले लोग खराब मौसम में घने जंगलों की खाक छानते हैं। कई बार, कई दिनों की खोज के बाद भी वे खाली हाथ लौट आते हैं।
मोर्चेला की खेती एक बड़ी वैज्ञानिक चुनौती रही है, क्योंकि यह प्रजाति अपने जटिल जीवन चक्र, सहजीवी पारिस्थितिक व्यवहार (symbiotic ecological behaviour) और अत्यधिक विशिष्ट पर्यावरणीय आवश्यकताओं के लिए जानी जाती है, जिससे इसका कृत्रिम उत्पादन अत्यंत कठिन हो जाता है। मोर्चेला को उगने के लिए मिट्टी और मौसम दोनों के संदर्भ में विशिष्ट नमी और तापमान की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, मोर्चेला की विभिन्न किस्मों (strains) को विकसित होने के लिए अलग-अलग विशिष्ट पौधों के साथ जुड़ाव की आवश्यकता होती है।


