भागीरथी इको-सेंसिटिव जोन

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने 21 मार्च को देहरादून में भागीरथी पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्र (BESZ) पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री, श्री भूपेंद्र यादव ने की।

भागीरथी पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्र गंगा नदी का उद्गम स्थल है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) द्वारा 18 दिसंबर 2012 को गौमुख से उत्तरकाशी तक 4179.59 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करते हुए भागीरथी पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्र की अधिसूचना जारी की गई थी।

भागीरथी पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्र की अधिसूचना ने उत्तराखंड राज्य सरकार को एक ज़ोनल मास्टर प्लान (ZMP) तैयार करने का निर्देश दिया था, जिसे निगरानी समिति (Monitoring Committee) की देखरेख में लागू किया जाना है।


भागीरथी ईको-सेंसिटिव जोन (BESZ) के मुख्य तथ्य

विवरणजानकारी
अधिसूचना तिथि18 दिसंबर 2012
विस्तारगौमुख से उत्तरकाशी तक
कुल क्षेत्रफल4179.59 वर्ग किलोमीटर
प्रमुख नदीभागीरथी (गंगा की मुख्य धारा)
प्रबंधन उपकरणज़ोनल मास्टर प्लान (ZMP)
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