इंडक्शन और इंफ्रारेड कुकटॉप: कार्यप्रणाली और तुलना
पश्चिम एशिया के संघर्ष ने भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए ईंधन सुरक्षा (fuel security) के महत्व को रेखांकित किया है। कई भारतीय रसोइयों में, इन घटनाओं ने इंडक्शन और इंफ्रारेड कुकटॉप जैसे इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर बदलाव को प्रेरित किया है। सरकार ने इंडक्शन हीटर और उनके अनुकूल बर्तनों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहित करने के उपायों पर एक अंतर-मंत्रालयी चर्चा भी की।
एक बुनियादी इंडक्शन कुकटॉप को कई कारणों से एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। पारंपरिक गैस चूल्हों के विपरीत, जो खुली लौ बनाने के लिए दहन (combustion) पर निर्भर करते हैं, इंडक्शन चूल्हे बर्तन को सीधे गर्म करने के लिए बिजली का उपयोग करते हैं।
इंडक्शन और इंफ्रारेड कुकटॉप: कार्यप्रणाली और तुलना
इंडक्शन कुकटॉप (Induction Cooktop)
- कार्यप्रणाली: यह तेजी से बदलते विद्युत चुंबकीय क्षेत्र (electromagnetic field) को उत्पन्न करके काम करता है। जब धातु का बर्तन सतह पर रखा जाता है, तो वह चुंबकीय क्षेत्र के संपर्क में आता है। धातु का विद्युत प्रतिरोध (electrical resistance) दोनों के बीच एक विद्युत घर्षण पैदा करता है, जो चलती इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा (kinetic energy) को सीधे तापीय ऊर्जा या ऊष्मा में बदल देता है।
- बर्तनों की अनुकूलता: सभी बर्तन इंडक्शन कुकटॉप के साथ संगत नहीं होते हैं क्योंकि सभी धातुओं का विद्युत प्रतिरोध समान नहीं होता है। इंडक्शन फेरोमैग्नेटिक (ferromagnetic) बर्तनों के साथ सबसे अच्छा काम करता है, जिनमें कच्चा लोहा (cast iron) या चुंबकीय स्टेनलेस स्टील जैसी सामग्रियां होती हैं।
- चुनौती: ये अनुकूल बर्तन सामान्य गैस चूल्हों पर इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की तुलना में अधिक महंगे होते हैं, जिससे यह उन परिवारों के लिए कम आकर्षक हो जाता है जो अस्थायी रूप से बिजली से खाना पकाने की ओर रुख कर रहे हैं।
इंफ्रारेड कुकटॉप (Infrared Cooktop)
- कार्यप्रणाली: इंडक्शन के विपरीत, इंफ्रारेड कुकटॉप कांच की सतह के नीचे एक गर्म कॉइल का उपयोग करके ‘रेडिएंट हीट’ (विकिरणी ऊष्मा) उत्पन्न करते हैं। सरल शब्दों में, बिजली कांच की सतह के नीचे रखे कॉइल या हैलोजन तत्व को गर्म करती है। जैसे ही यह गर्म होता है, यह लाल-गर्म होकर चमकने लगता है। यह गर्म तत्व तब इंफ्रारेड विकिरण उत्सर्जित करता है, जो कांच की सतह से गुजरता है और बर्तन के आधार द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है।
- बर्तनों की अनुकूलता: इसके लिए किसी विशेष चुंबकीय बर्तन की आवश्यकता नहीं होती है। यह स्टील, एल्यूमीनियम, कांच और सिरेमिक सहित किसी भी प्रकार के बर्तन को गर्म कर सकता है।
तुलनात्मक दक्षता (Efficiency)
| विशेषता | इंडक्शन कुकटॉप | इंफ्रारेड कुकटॉप |
| दक्षता | 85–95% (अत्यधिक कुशल) | 70–80% (कम कुशल) |
| ऊष्मा स्थानांतरण | बर्तन को सीधे गर्म करता है। | पहले कॉइल, फिर कांच की सतह और फिर बर्तन गर्म होता है। |
| ऊर्जा की हानि | नगण्य | परिवेश में कुछ ऊर्जा की हानि होती है। |
| बर्तन की आवश्यकता | केवल चुंबकीय (फेरोमैग्नेटिक) | सभी प्रकार के बर्तन |


