केंद्र सरकार द्वारा ‘VB–G RAM G’ अधिनियम के देशव्यापी कार्यान्वयन की अधिसूचना
भारत सरकार ने 11 मई 2026 को ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारंटी के लिए मिशन (ग्रामीण) [VB–G RAM G] अधिनियम, 2025’ के कार्यान्वयन को अधिसूचित कर दिया है, जिसे 1 जुलाई 2026 से देश भर में लागू किया जाएगा। VB–G RAM G अधिनियम के लागू होने के साथ ही, ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA), 2005’ उसी तारीख (1 जुलाई 2026) से निरस्त हो जाएगा।
प्रमुख प्रावधान और विशेषताएं:
- 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी: नए ढांचे के तहत, प्रत्येक ग्रामीण परिवार जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम (unskilled manual work) करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, वे प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के गारंटीकृत रोजगार के वैधानिक हकदार होंगे।
- आवेदन के 15 दिनों के भीतर रोजगार: श्रमिकों की मांग के आधार पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर रोजगार प्रदान किया जाएगा। आवेदन की तारीख से 15 दिनों के भीतर रोजगार देना अनिवार्य होगा।
- बेरोजगारी भत्ता (Unemployment Allowance): यदि मांग के बावजूद निर्धारित अवधि (15 दिन) के भीतर रोजगार प्रदान नहीं किया जाता है, तो राज्य सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता देय होगा। यह भत्ता वित्तीय वर्ष के दौरान:
- पहले 30 दिनों के लिए: अधिसूचित मजदूरी दर के एक-चौथाई (1/4) से कम नहीं होगा।
- शेष अवधि के लिए: अधिसूचित मजदूरी दर के आधे (1/2) से कम नहीं होगा।
- समय पर मजदूरी और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT): यह अधिनियम समय पर और पारदर्शी मजदूरी भुगतान पर कड़ा जोर देता है। मजदूरी का हस्तांतरण प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक या डाकघर खातों में किया जाता रहेगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य है; ऐसा न होने पर श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार विलंब मुआवजे (delay compensation) के हकदार होंगे।
तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं:
- जॉब कार्ड की वैधता: मौजूदा ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड तब तक वैध रहेंगे, जब तक कि नए ‘ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ जारी नहीं कर दिए जाते।
- चेहरा प्रमाणीकरण (Face Authentication) आधारित उपस्थिति: कार्यस्थलों पर श्रमिकों की उपस्थिति चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक के माध्यम से दर्ज की जाएगी। हालांकि, खराब या अनुपलब्ध नेटवर्क कनेक्टिविटी, तकनीकी खराबी, डिवाइस से जुड़ी समस्याओं या अन्य असाधारण परिस्थितियों जैसे वास्तविक मामलों के लिए सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार एक अपवाद प्रबंधन तंत्र (exception handling mechanism) भी उपलब्ध होगा।
- कार्यस्थल की दूरी और अतिरिक्त भत्ता: जहाँ तक संभव हो, रोजगार आवेदक के गाँव के 5 किलोमीटर के दायरे में प्रदान किया जाएगा। यदि रोजगार इससे अधिक दूरी पर (लेकिन ब्लॉक के भीतर) प्रदान किया जाता है, तो श्रमिकों को परिवहन और रहने के खर्च के लिए मजदूरी दर का अतिरिक्त 10% भुगतान किया जाएगा।
कोष साझाकरण पैटर्न (Fund Sharing Pattern):
इस योजना के लिए केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय भार (फंडिंग) का विभाजन निम्नानुसार होगा:
| क्षेत्र / राज्य की श्रेणी | केंद्र : राज्य का हिस्सा |
| पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य | 90 : 10 |
| विधायिका वाले अन्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (UTs) | 60 : 40 |
| बिना विधायिका वाले केंद्र शासित प्रदेश (UTs) | 100% (पूर्ण केंद्र पोषित) |


