2025-26 में चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देश बना
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में चीन अमेरिका को पछाड़कर भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बनकर उभरा है। इस अवधि के दौरान द्विपक्षीय व्यापार $151.1 बिलियन तक पहुंच गया, जबकि बीजिंग के साथ भारत का व्यापार घाटा (Trade Deficit) बढ़कर $112.16 बिलियन हो गया है।
भारत-चीन व्यापार (2025-26)
- कुल व्यापार: $151.1 बिलियन।
- निर्यात (Exports): भारत का चीन को निर्यात 36.66% बढ़कर $19.47 बिलियन हो गया।
- आयात (Imports): चीन से आयात 16% बढ़कर $131.63 बिलियन हो गया।
- व्यापार घाटा: यह $112.6 बिलियन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया (2024-25 में यह $99.2 बिलियन था)।
भारत-अमेरिका व्यापार (2025-26)
अमेरिका 2024-25 तक लगातार चार वर्षों तक भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था।
- निर्यात: अमेरिका को होने वाला निर्यात 0.92% की मामूली वृद्धि के साथ $87.3 बिलियन रहा।
- आयात: अमेरिका से आयात 15.95% बढ़कर $52.9 बिलियन हो गया।
- व्यापार अधिशेष (Trade Surplus): अमेरिका के साथ भारत का व्यापार अधिशेष कम होकर $34.4 बिलियन रह गया (पिछले वर्ष यह $40.89 बिलियन था)।
ऐतिहासिक संदर्भ और तुलना
| अवधि | सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार |
| 2013-14 से 2017-18 | चीन |
| चीन से पहले | यूएई (UAE) |
| 2020-21 | चीन |
| 2021-22 से 2024-25 | अमेरिका (USA) |
| 2025-26 | चीन |


