रक्षा मंत्री ने आंध्र प्रदेश में ‘एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA)’ कार्यक्रम सुविधा की आधारशिला रखी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 मई 2026 को आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले के पुट्टपर्थी में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम सुविधा की आधारशिला रखी। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के तहत वैमानिकी विकास एजेंसी (ADA) द्वारा विकसित की जा रही यह AMCA कार्यक्रम सुविधा, भारत के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी (fifth-generation) के स्टील्थ फाइटर एयरक्राफ्ट कार्यक्रम के लिए एकीकरण (integration), विकास और उड़ान परीक्षण केंद्र (flight testing hub) के रूप में कार्य करेगी।
केंद्र सरकार के अधिकारियों के अनुसार, इस सुविधा में लगभग 140 उन्नत मध्यम लड़ाकू विमानों (AMCA) के निर्माण की उम्मीद है। इस परियोजना में लगभग ₹1 लाख करोड़ के निवेश आने की संभावना जताई गई है।
पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (Fifth-Generation Fighter Jets) क्या हैं?
दुनिया के कुछ चुनिंदा देशों के पास ही असली पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को संचालित करने की तकनीक है। ये विमान आधुनिक हवाई युद्ध में अपना दबदबा बनाने के लिए स्टील्थ (रडार से बचने की क्षमता), सुपरक्रूज़ (बिना आफ्टरबर्नर के सुपरसोनिक गति), एकीकृत सेंसर और उन्नत एवियोनिक्स (विमान इलेक्ट्रॉनिक्स) को एक साथ जोड़ते हैं।
वर्तमान में इस श्रेणी के प्रमुख विमान निम्नलिखित हैं:
- F-35 लाइटनिंग II (F-35 Lightning II) – संयुक्त राज्य अमेरिका (US)
- F-22 रैप्टर (F-22 Raptor) – संयुक्त राज्य अमेरिका (US)
- चेंगदू J-20 माइटी ड्रैगन (Chengdu J-20 Mighty Dragon) – चीन
- सुखोई Su-57 फेलन (Sukhoi Su-57 Felon) – रूस
F-35I आदिर (F-35I Adir) – इज़राइल


