BGP हाइजैकिंग क्या है?
केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने के एक दिन बाद, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के संस्थापक और सीईओ पावेल डुरोव ने दावा किया कि ‘BGP (बॉर्डर गेटवे प्रोटोकॉल) हाइजैकिंग’ नामक एक “धोखाधड़ी के तरीके” (rogue method) के माध्यम से ऐप तक पहुंच को बाधित/प्रभावित किया जा रहा है।
बॉर्डर गेटवे प्रोटोकॉल (BGP) इंटरनेट की रूटिंग प्रणाली (मार्गदर्शन प्रणाली) है। यह दुनिया भर के नेटवर्क को बताता है कि विशिष्ट आईपी (IP) अड्रेस तक कैसे पहुंचा जाए। यदि कोई नेटवर्क झूठा दावा या घोषणा करता है कि वह किसी गंतव्य (destination) तक पहुंचने का प्राथमिक मार्ग है, तो इंटरनेट ट्रैफिक को मोड़ा, बीच में ही रोका (intercept) या पूरी तरह से गायब (blackholed) किया जा सकता है। इसे ही ‘BGP हाइजैकिंग‘ (BGP hijacking) के रूप में जाना जाता है।
प्रत्येक प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर, क्लाउड प्रदाता, कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क और इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP) एक ‘ऑटोनॉमस सिस्टम’ (AS) संचालित करता है, जो एक विशिष्ट संख्या (unique number) द्वारा पहचाना जाने वाला एक बड़ा नेटवर्क होता है। BGP वह प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग ये नेटवर्क एक-दूसरे को यह बताने के लिए करते हैं कि इन नेटवर्कों के माध्यम से ट्रैफ़िक किसी विशिष्ट आईपी पते तक कैसे पहुँचना चाहिए।



