राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (NSC) के नए अध्यक्ष
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने डॉ. सैबल चट्टोपाध्याय को राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (NSC) का अध्यक्ष नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। डॉ. सैबल चट्टोपाध्याय भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), कोलकाता के पूर्व निदेशक हैं।
राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (NSC) की स्थापना और संरचना
राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग की स्थापना वर्ष 2005 में की गई थी। यह देश की सभी मुख्य सांख्यिकी गतिविधियों के लिए एक नोडल निकाय के रूप में कार्य करता है, जिसका उद्देश्य सांख्यिकीय प्राथमिकताओं व मानकों को विकसित करना, उनकी निगरानी करना तथा उन्हें लागू करना और सांख्यिकीय समन्वय सुनिश्चित करना है।
आयोग की संरचना इस प्रकार है:
- एक अंशकालिक (part-time) अध्यक्ष।
- चार अंशकालिक सदस्य, जिन्हें सांख्यिकी के क्षेत्रों में विशेषज्ञता और अनुभव प्राप्त हो।
- नीति (NITI) आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) इसके पदेन (ex-officio) सदस्य होते हैं।
- सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के सचिव, इस आयोग के सचिव के रूप में कार्य करते हैं।
आयोग के मुख्य कार्य और जिम्मेदारियां
राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग सांख्यिकीय प्रणाली से जुड़ी राष्ट्रीय नीतियों और प्राथमिकताओं को तय करने के लिए जिम्मेदार है। इसके मुख्य कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- जनविश्वास और मानक: आधिकारिक सांख्यिकी में जनता का विश्वास बढ़ाने के उपाय करना और सांख्यिकी के विभिन्न क्षेत्रों में मानक सांख्यिकीय अवधारणाओं, परिभाषाओं, वर्गीकरणों व पद्धतियों को विकसित करना।
- गुणवत्ता मानक: मुख्य सांख्यिकी (core statistics) पर राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक निर्धारित करना और इन मानकों को प्रभावी ढंग से लागू करने के उपायों की सिफारिश करना।
- निगरानी और समीक्षा: निर्धारित नीतियों, मानकों और पद्धतियों के आलोक में सांख्यिकीय प्रणाली के कामकाज की निगरानी व समीक्षा करना और बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक उपायों की सिफारिश करना।


