वैश्विक पवन ऊर्जा दिवस 2026
वैश्विक पवन ऊर्जा दिवस (Global Wind Day) प्रतिवर्ष 15 जून को पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन से निपटने में इसकी भूमिका के लिए मनाया जाता है। भारत ने 15 जून 2026 को गोवा में “पवन ऊर्जा: महत्वाकांक्षा से त्वरण तक” (Wind Energy: From Ambition to Acceleration) विषय के तहत वैश्विक पवन ऊर्जा दिवस 2026 सम्मेलन की मेजबानी की। इस सम्मेलन में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA), भारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI), भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (IREDA), राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (NIWE), ग्रिड इंडिया, प्रमुख राज्य सरकारों और उद्योग निकायों व संघों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
भारत की अनुमानित सकल पवन ऊर्जा क्षमता जमीन से 120 मीटर की ऊंचाई पर 695.5 GW और 150 मीटर की ऊंचाई पर 1,163.9 GW है। 150 मीटर की ऊंचाई पर आंकी गई अधिकांश पवन ऊर्जा क्षमता आठ उच्च-संसाधन वाले राज्यों में केंद्रित है: राजस्थान (284.2 GW), गुजरात (180.8 GW), महाराष्ट्र (173.9 GW), कर्नाटक (169.3 GW), आंध्र प्रदेश (123.3 GW), तमिलनाडु (95.1 GW), मध्य प्रदेश (55.4 GW) और तेलंगाना (54.7 GW)।
भारत का विशाल पवन ऊर्जा संसाधन आधार 2030 तक 100 GW और 2036 तक 156 GW पवन ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने के लिए एक मजबूत नींव प्रदान करता है। स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता में भारत विश्व स्तर पर चौथे स्थान पर है। स्थापित पवन क्षमता मार्च 2014 में 21.04 GW से बढ़कर मार्च 2026 में 56.09 GW हो गई है, जो कि 2.66 गुना वृद्धि है।


