चंद्रयान-3 को मिला AIAA गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स पुरस्कार 2026

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चंद्रयान-3 मिशन को 2026 गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स अवार्ड (Goddard Astronautics Award) से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिक्स एंड एस्ट्रोनॉटिक्स’ (AIAA) द्वारा प्रदान किया जाता है।

पुरस्कार के मुख्य बिंदु:

  • प्रस्तुति: यह पुरस्कार 21 मई, 2026 को वाशिंगटन डीसी में आयोजित ‘AIAA ASCEND 2026’ सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।
  • प्रतिनिधित्व: संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने ISRO की ओर से यह सम्मान स्वीकार किया।
  • उपलब्धि का आधार: चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करके इतिहास रचा था। यह क्षेत्र वैज्ञानिक और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है और सतह के स्तर पर यहाँ का अन्वेषण पहले कभी नहीं किया गया था।

गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स अवार्ड के बारे में:

  • महत्व: यह एस्ट्रोनॉटिक्स (अंतरिक्ष विज्ञान) के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए AIAA द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।
  • इतिहास: इस पुरस्कार की स्थापना श्रीमती गोडार्ड द्वारा अपने पति रॉबर्ट एच. गोडार्ड की स्मृति में की गई थी। रॉबर्ट एच. गोडार्ड एक दूरदर्शी रॉकेट वैज्ञानिक और अग्रणी इंजीनियर थे, जिनके प्रारंभिक तरल-ईंधन रॉकेट परीक्षणों ने आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान की नींव रखी।
  • विकास: 1975 में, संस्थान ने अपने पुराने ‘गोडार्ड अवार्ड’ (जो केवल प्रणोदन और ऊर्जा रूपांतरण के लिए दिया जाता था) का नाम बदलकर और इसके चयन मानदंडों का विस्तार करके इसे वर्तमान स्वरूप दिया।
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