‘थ्यूसिडाइड्स ट्रैप’ क्या है?
बीजिंग में आयोजित हालिया अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन में, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों को ‘थ्यूसिडाइड्स ट्रैप’ (Thucydides Trap) में गिरने से बचना चाहिए। शी जिनपिंग द्वारा इस प्राचीन प्रतिद्वंद्विता से जुड़े शब्द का उपयोग करने पर दुनिया भर में काफी ध्यान दिया गया। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उन्होंने इसका इस्तेमाल युद्ध की भविष्यवाणी के रूप में नहीं, बल्कि रणनीतिक गलतियों के प्रति आगाह करने के लिए किया है।
‘थ्यूसिडाइड्स ट्रैप’ क्या है?
यह एक ऐतिहासिक पैटर्न है, जिसमें एक उभरती हुई शक्ति (rising power) और एक स्थापित शक्ति (established power) के बीच की प्रतिद्वंद्विता—और इसके परिणामस्वरूप पैदा होने वाले डर, असुरक्षा, प्रतिष्ठा और प्रतिस्पर्धा जैसे दबाव—अंततः संघर्ष या युद्ध की ओर ले जा सकते हैं।
इतिहास और उत्पत्ति:
- थ्यूसिडाइड्स: इस घातक जाल की पहचान प्राचीन यूनानी इतिहासकार थ्यूसिडाइड्स ने की थी। उन्होंने क्लासिक ग्रीस के दो प्रमुख नगर-राज्यों को नष्ट करने वाले विनाशकारी ‘पेलोपोनेसियन युद्ध’ (431-404 ईसा पूर्व) के बारे में लिखा था। उन्होंने कहा था: “यह एथेंस का उदय और उससे स्पार्टा में पैदा हुआ डर ही था जिसने युद्ध को अपरिहार्य बना दिया।”
- ग्राहम एलिसन: हार्वर्ड केनेडी स्कूल के राजनीतिक वैज्ञानिक और पूर्व डीन, डॉ. ग्राहम एलिसन ने 2010 में इस शब्द को गढ़ा था, ताकि शक्ति के संरचनात्मक बदलाव (structural power transition) की व्याख्या की जा सके।
- अध्ययन: हार्वर्ड में एलिसन के ‘थ्यूसिडाइड्स ट्रैप’ प्रोजेक्ट के तहत यह पाया गया कि पिछले 500 वर्षों में 16 ऐसे मामले सामने आए हैं, जहाँ एक बड़े राष्ट्र के उदय ने स्थापित शक्ति की स्थिति को चुनौती दी। इन 16 में से 12 प्रतिद्वंद्विता का अंत युद्ध या संघर्ष के साथ हुआ।


