भारत ने मुंबई में ‘किम्बरले प्रोसेस इंटर-सेशनल बैठक 2026’ का उद्घाटन किया
भारत ने 12 मई 2026 को अपनी अध्यक्षता (Chairship) के तहत मुंबई में किम्बरले प्रोसेस (KP) इंटरसेशनल बैठक 2026 का उद्घाटन किया। इसमें जिम्मेदार और टिकाऊ हीरा व्यापार के भविष्य पर चर्चा करने के लिए प्रतिभागी देशों, उद्योग निकायों और नागरिक समाज समूहों के वैश्विक प्रतिनिधियों को एक साथ लाया गया है। 11 मई से 14 मई तक चलने वाली इस चार दिवसीय बैठक का मुख्य ध्यान उभरती हुई अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों के बीच वैश्विक प्राकृतिक हीरा मूल्य श्रृंखला (global natural diamond value chain) में निगरानी, अनुपालन (compliance) और उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने पर है।
इस इंटर-सेशनल बैठक में विभिन्न कार्य समूहों और समितियों द्वारा ‘किम्बरले प्रोसेस सर्टिफिकेशन स्कीम’ (KPCS) के प्रमुख पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें निगरानी और अनुपालन उपाय, कारीगरों द्वारा किया जाने वाला और जलोढ़ (artisanal and alluvial) हीरा उत्पादन, सांख्यिकीय प्रणालियाँ और नैतिक रूप से प्राप्त प्राकृतिक हीरों में विश्वास को सुदृढ़ करने के कदम शामिल हैं।
भारत की अध्यक्षता का विषय (Theme): “3Cs”
वर्ष 2026 के लिए भारत की अध्यक्षता का विषय “3Cs” — क्रेडिबिलिटी (विश्वसनीयता), कंप्लायंस (अनुपालन) और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस (उपभोक्ता विश्वास) पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और संवाद के माध्यम से जिम्मेदारी से प्राप्त प्राकृतिक हीरों को बढ़ावा देना है।
किम्बरले प्रोसेस सर्टिफिकेशन स्कीम (KPCS) के बारे में
- स्थापना: वर्ष 2000 में अपनाए गए संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 55/56 (UNGA Resolution 55/56) के बाद इसकी स्थापना की गई थी, ताकि ‘कॉन्फ्लिक्ट डायमंड्स’ (संघर्षग्रस्त क्षेत्रों के रक्त-हीरे/ब्लड डायमंड्स) को वैध वैश्विक हीरा व्यापार में प्रवेश करने से रोका जा सके।
- सदस्यता: इस पहल में वर्तमान में 60 प्रतिभागी शामिल हैं जो 86 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें यूरोपीय संघ (EU) और उसके सदस्य देश एक एकल ब्लॉक के रूप में भाग लेते हैं।
वैश्विक हीरा उद्योग में भारत की भूमिकाभारत ने 1 जनवरी 2026 को किम्बरले प्रोसेस की अध्यक्षता संभाली थी। हीरा काटने और पॉलिश करने (cutting and polishing) के दुनिया के अग्रणी केंद्रों में से एक होने के नाते, भारत ने वैश्विक हीरा उद्योग में पारदर्शिता, स्थिरता और जिम्मेदार स्रोतों से हीरा प्राप्त करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।


