संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में “शून्य से अनंत तक” प्रदर्शनी का उद्घाटन
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 11 मई 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय में “शून्य से अनंत तक” (From Shunya to Ananta) नामक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी गणित के क्षेत्र में भारत के ऐतिहासिक योगदान और वैश्विक वैज्ञानिक सोच पर इसके स्थायी प्रभाव को रेखांकित करती है।
प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए, जयशंकर ने कहा कि गणित का वैश्विक प्रसार सभ्यताओं के अंतर्संबंध को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि गणित के कई मूलभूत विचारों की उत्पत्ति भारत में हुई थी। उन्होंने रेखांकित किया कि वैज्ञानिक प्रगति के इतिहास को लंबे समय से एक संकीर्ण भौगोलिक और ऐतिहासिक चश्मे (नज़रिए) से देखा जाता रहा है, लेकिन बदलती भू-राजनीतिक और आर्थिक वास्तविकताएं अब एक व्यापक सांस्कृतिक पुनर्संतुलन (cultural rebalancing) का मार्ग भी प्रशस्त कर रही हैं।
प्रदर्शनी की मुख्य बातें और महत्व
- ऐतिहासिक यात्रा का प्रदर्शन: यह प्रदर्शनी सदियों से गणित में भारत के योगदान को प्रदर्शित करती है, जिसमें “शून्य” (Shunya) की अवधारणा से लेकर उन व्यापक प्रगतियों तक के सफर को दर्शाया गया है जिन्होंने वैश्विक गणितीय समझ को आकार दिया।
- बौद्धिक विरासत का प्रसार: यह प्रदर्शनी वैश्विक मंचों पर अपनी सभ्यतागत विरासत और बौद्धिक थाती को प्रदर्शित करने के भारत के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है।
- वैश्विक पहचान: इसका उद्देश्य गणित और वैज्ञानिक ज्ञान के विकास में भारत की भूमिका को और अधिक वैश्विक पहचान दिलाना है।


