राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026 प्रदान किए
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 मई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में विशिष्ट नर्सिंग कर्मियों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026 प्रदान किए।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) द्वारा 1973 में शुरू किया गया राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार, देश भर में नर्सिंग पेशेवरों द्वारा प्रदान की गई सराहनीय सेवाओं को मान्यता देता है। यह पुरस्कार केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वैच्छिक संगठनों के तहत सेवा देने वाली पंजीकृत नर्सों, दाइयों (Midwives), सहायक नर्स दाइयों (ANMs) और लेडी हेल्थ विजिटर्स (LHVs) को सम्मानित करता है। स्वास्थ्य सेवा में असाधारण योगदान की मान्यता के रूप में प्रत्येक पुरस्कार के तहत एक योग्यता प्रमाण पत्र (Certificate of Merit), एक पदक और 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस और फ्लोरेंस नाइटिंगेल
फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में हर साल 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है, जिनके अभूतपूर्व (pioneering) योगदान ने दुनिया भर में आधुनिक नर्सिंग प्रथाओं की नींव रखी।
- जन्म: उनका जन्म 1820 में इटली के फ्लोरेंस शहर में हुआ था, जिसके नाम पर उनका नाम रखा गया था।
- पहचान: फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने क्रीमिया युद्ध (Crimean War) के दौरान अपनी समर्पित सेवा के लिए वैश्विक पहचान हासिल की, जहाँ उन्होंने घायल सैनिकों की देखभाल की थी।
“द लेडी विद द लैंप”: वे “द लेडी विद द लैंप” (लालटेन वाली महिला) के नाम से लोकप्रिय हुईं, क्योंकि वे रात के समय घायल सैनिकों की देखभाल करने के लिए अस्पताल के वार्डों में हाथ में लैंप लेकर घूमा करती थीं।


