लोकसभा अध्यक्ष ने 2026-27 के लिए चार संसदीय समितियों का पुनर्गठन किया
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वर्ष 2026-27 के लिए चार संसदीय समितियों का पुनर्गठन किया है। इन समितियों का कार्यकाल इस महीने की 1 तारीख से अगले वर्ष 30 अप्रैल तक होगा।
नवनियुक्त समितियों और उनके अध्यक्षों का विवरण नीचे दिया गया है:
प्राक्कलन समिति (Committee on Estimates)
- अध्यक्ष: डॉ. संजय जायसवाल (भाजपा सांसद, लोकसभा)।
- संरचना: इसमें लोकसभा के 30 सदस्य होते हैं।
- कार्य: यह समिति सरकारी मंत्रालयों के व्यय की जांच करती है, कार्यकुशलता को बढ़ावा देती है और आर्थिक विकल्पों के सुझाव देती है। इसकी स्थापना पहली बार 1950 में हुई थी।
लोक उपक्रम समिति (Committee on Public Undertakings)
- अध्यक्ष: बैजयंत पांडा (भाजपा सांसद)।
- संरचना: इसमें कुल 22 सदस्य (15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से) होते हैं।
- विशेष नियम: कोई भी मंत्री इस समिति का सदस्य बनने के लिए पात्र नहीं है।
लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee – PAC)
- अध्यक्ष: के.सी. वेणुगोपाल (कांग्रेस सांसद, लोकसभा)।
- संरचना: इसमें 22 सदस्य (15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से) शामिल हैं।
- कार्य: यह समिति वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों की समीक्षा करती है। इसे ‘वित्तीय प्रहरी’ (Financial Watchdog) के रूप में जाना जाता है।
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति
- अध्यक्ष: फग्गन सिंह कुलस्ते (भाजपा सांसद, लोकसभा)।
- संरचना: इसमें 30 सदस्य (20 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से) होते हैं।
समितियों का सारांश:
| समिति का नाम | अध्यक्ष | कुल सदस्य (LS + RS) |
| प्राकलन समिति | डॉ. संजय जायसवाल | 30 (केवल लोकसभा) |
| लोक उपक्रम समिति | बैजयंत पांडा | 22 (15 + 7) |
| लोक लेखा समिति | के.सी. वेणुगोपाल | 22 (15 + 7) |
| SC/ST कल्याण समिति | फग्गन सिंह कुलस्ते | 30 (20 + 10) |


