‘पद्म डोरी’ का वैश्विक लॉन्च
पूर्वोत्तर हस्तशिल्प और हथकरघा विकास निगम (NEHHDC), जो पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) के तहत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम (CPSE) है, ने औपचारिक रूप से ‘पद्म डोरी’ का अनावरण किया है। यह एक अनूठी अंतर-सांस्कृतिक टेक्सटाइल पहल है जो पूर्वोत्तर भारत की एरी (अहिंसा) रेशम परंपराओं को मध्य प्रदेश की समृद्ध चंदेरी बुनाई विरासत के साथ जोड़ती है।
मुख्य विशेषताएं और शुभारंभ
- आधिकारिक शुभारंभ: इस पहल का आधिकारिक शुभारंभ MDoNER के सचिव द्वारा किया गया। इसके बाद एक शानदार फैशन शो का आयोजन हुआ, जिसमें एरी सिल्क और चंदेरी कपड़ों के संलयन (Fusion) को प्रदर्शित किया गया।
- एरी रेशम (Eri Silk): यह अपने नैतिक और टिकाऊ उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जिसे ‘अहिंसा रेशम’ भी कहा जाता है क्योंकि इसमें रेशम के कीड़ों को मारे बिना धागा प्राप्त किया जाता है।
- चंदेरी कपड़ा: यह अपनी बारीक बनावट, हल्केपन और जटिल रूपांकनों (motifs) के लिए जाना जाता है।
पद्म डोरी की विशिष्टता
‘पद्म डोरी’ इसलिए विशिष्ट है क्योंकि यह दो बिल्कुल अलग और भौगोलिक रूप से दूर की वस्त्र परंपराओं को एक मंच पर लाता है:
- मध्य प्रदेश की चंदेरी: अपनी सूक्ष्मता और राजसी भव्यता के लिए प्रसिद्ध।
उत्तर पूर्व भारत का एरी सिल्क: अपनी बनावट, मजबूती और टिकाऊ प्रकृति के लिए विख्यात।


