भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (IN-NZ FTA) पर हस्ताक्षर

भारत और न्यूजीलैंड ने 23 अप्रैल, 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री माननीय टॉड मैक्ले ने हस्ताक्षर किए। 

प्रमुख विशेषताएं और आर्थिक लाभ

  • 9वां बड़ा समझौता: पिछले कुछ वर्षों में 38 विकसित देशों के साथ भारत का यह 9वां महत्वपूर्ण समझौता है।
  • निर्यात पर शून्य शुल्क: यह समझौता न्यूजीलैंड को होने वाले भारत के 100% निर्यात के लिए शुल्क-मुक्त (duty-free) पहुंच प्रदान करता है। इससे कपड़ा, चमड़ा और इंजीनियरिंग जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में MSMEs और रोजगार को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
  • टैरिफ उदारीकरण: भारत ने अपने 70.03% टैरिफ लाइनों पर रियायत दी है, जो द्विपक्षीय व्यापार मूल्य का 95% कवर करती है।
  • संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा: भारत ने अपने संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए 29.97% टैरिफ लाइनों को इस समझौते से बाहर (Exclusion list) रखा है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
    • डेयरी उत्पाद
    • पशु उत्पाद
    • चीनी और कृत्रिम शहद
    • विशिष्ट कृषि उत्पाद 

बाजार पहुंच और कोटा प्रणाली

न्यूजीलैंड के चुनिंदा कृषि उत्पादों (जैसे सेब, कीवीफ्रूट और मानुका शहद) के लिए बाजार पहुंच को टैरिफ रेट कोटा (TRQ) प्रणाली के माध्यम से प्रबंधित किया जाएगा। इसमें न्यूनतम आयात मूल्य और अन्य सुरक्षा उपाय शामिल हैं, ताकि घरेलू किसानों के हितों की रक्षा करते हुए उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विकल्प मिल सकें। 

सेवाएं और निवेश

  • सेवा क्षेत्र: न्यूजीलैंड ने भारत को लगभग 118 सेवा क्षेत्रों में बाजार पहुंच की प्रतिबद्धता दी है। इसके अलावा, भारत को 139 उप-क्षेत्रों में ‘मोस्ट-फेवर्ड नेशन’ (MFN) का दर्जा दिया गया है।
  • निवेश प्रतिबद्धता: इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर ($20 Billion) के निवेश की सुविधा प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई है। 

वीजा और गतिशीलता (Mobility)

  • पेशेवर वीजा (TEE): कुशल व्यवसायों में लगे भारतीय पेशेवरों के लिए एक नया अस्थायी रोजगार प्रवेश (TEE) वीजा मार्ग बनाया गया है। इसके तहत किसी भी समय 5,000 वीजा का कोटा होगा और रहने की अवधि तीन वर्ष तक होगी।

छात्र और पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा: पहली बार न्यूजीलैंड ने किसी देश (भारत) के साथ छात्र आवागमन और पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा के लिए एक समर्पित रूट बनाया है।

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