भारतीय सेना ने मराठा लाइट इन्फैंट्री सेंटर में 16वीं ‘भैरव’ बटालियन का गठन किया
25 अप्रैल को बेलगावी स्थित प्रतिष्ठित मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर में 16वीं ‘भैरव’ बटालियन की स्थापना के साथ भारतीय सेना की परिचालन शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
भैरव बटालियन, जिसे ‘भैरव लाइट कमांडो बटालियन’ भी कहा जाता है, भारतीय सेना की उन कोशिशों का हिस्सा है जिसके तहत लघु आकार की और अत्यधिक गतिशील सामरिक इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। ये इकाइयां पारंपरिक पदाति सेना (infantry) और विशेष बलों (Special Forces) के बीच के अंतर को पाटने का काम करेंगी।
रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, इस बटालियन को “अत्यधिक गतिशील मिशनों, अनुकूलनीय युद्धाभ्यासों (adaptive manoeuvres) और सटीक प्रहारों” के लिए डिज़ाइन किया गया है, विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों और घुसपैठ-रोधी (counter-insurgency) तथा आतंकवाद-रोधी वातावरण में संचालन के लिए।
मंत्रालय ने कहा कि यह बटालियन मराठा लाइट इन्फैंट्री की परंपराओं से प्रेरित है और इसे उभरती सुरक्षा चुनौतियों के बीच परिचालन तैयारियों को मजबूत करने के लिए गठित की गई है। इस यूनिट में विशेष रूप से चुने गए कर्मी शामिल हैं जिन्हें कठिन मिशनों के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
बटालियन को अपनी परिचालन क्षमता को पैना करने के सेना के प्रयासों के प्रतिबिंब के रूप में वर्णित किया गया है, साथ ही आधुनिक संघर्ष की स्थितियों में ‘लाइट इन्फैंट्री’ इकाइयों की निरंतर प्रासंगिकता को भी रेखांकित किया गया। मराठा लाइट इन्फैंट्री भारतीय सेना की सबसे पुरानी इन्फैंट्री रेजिमेंटों में से एक है, जिसका एक लंबा परिचालन इतिहास रहा है। 16वीं बटालियन की स्थापना ऐसे समय में हुई है जब सेना विभिन्न परिचालन आवश्यकताओं के लिए अपनी बल संरचना (force structure) और तत्परता को मजबूत करने के प्रयास जारी रखे हुए है।


