हर्फिंडल-हर्शमैन इंडेक्स (HHI)
नीति आयोग की “ट्रेड वॉच क्वार्टरली” (अक्टूबर-दिसंबर, Q3 FY 2025-26) रिपोर्ट हर्फिंडल-हर्शमैन इंडेक्स (HHI) का उपयोग यह दिखाने के लिए करती है कि जहाँ भारत के निर्यात का संकेंद्रण (concentration) कम हो रहा है, वहीं आयात अभी भी अत्यधिक केंद्रित बना हुआ है। इसका अर्थ यह है कि भारत दुनिया को बेची जाने वाली वस्तुओं में विविधता ला रहा है, लेकिन खनिज ईंधन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे महत्वपूर्ण आयातों के लिए कुछ ही स्रोतों पर निर्भर है।
हर्फिंडल-हर्शमैन इंडेक्स (HHI) किसी उद्योग के बाजार संकेंद्रण को मापने का एक सामान्य पैमाना है — जो उद्योग में शामिल फर्मों के आकार और उनके बीच की बाजार प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
- गणना: इसकी गणना उद्योग में प्रत्येक प्रतिस्पर्धी फर्म की बाजार हिस्सेदारी का वर्ग (squaring) करके और फिर प्राप्त संख्याओं को जोड़कर की जाती है। यहाँ बाजार हिस्सेदारी को अंश या अंकों के रूप में व्यक्त किया जाता है।
- मान (Value): इसका मान शून्य के करीब से लेकर 10,000 तक हो सकता है। कम मान कम केंद्रित (अधिक प्रतिस्पर्धी) बाजार का संकेत देता है।
- उपयोग: HHI बाजार संकेंद्रण का एक सामान्य माप है। इसका उपयोग अक्सर विलय और अधिग्रहण (M&A) लेनदेन से पहले और बाद की स्थिति का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है।


