विश्व सूत्र – वेव्स ऑफ इंडिया फॉर द वर्ल्ड”
विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय, केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) ने “विश्व सूत्र – वेव्स ऑफ इंडिया फॉर द वर्ल्ड” (Vishwa Sutra – Weaves of India for the World) का अनावरण किया है। इस डिजाइनर संग्रह को भुवनेश्वर में 61वें फेमिना मिस इंडिया के दौरान प्रस्तुत किया गया, जिसका उद्देश्य भारतीय हथकरघा (Handlooms) को एक समकालीन वैश्विक डिजाइन विमर्श के भीतर स्थापित करना है।
“विश्व सूत्र” पहल की मुख्य विशेषताएं
- सांस्कृतिक संगम: इस पहल के तहत भारत के विभिन्न राज्यों के 30 अलग-अलग हथकरघा बुनाई के प्रकारों को एक साथ लाया गया है।
- वैश्विक प्रेरणा: प्रत्येक राज्य की बुनाई को दुनिया के 30 अलग-अलग देशों से प्रेरित होकर पुनर्व्याख्यायित (reinterpret) किया गया है। इसमें उन देशों के सांस्कृतिक तत्वों, सिल्हूट (silhouettes) और डिजाइन संवेदनाओं को शामिल किया गया है।
- रणनीतिक प्रयास: विश्व सूत्र भारतीय हथकरघा को वैश्विक रूप से प्रासंगिक और ‘डिजाइन-फॉरवर्ड’ के रूप में पेश करने का एक प्रयास है, जबकि इसकी मौलिकता और प्रामाणिकता को भी बरकरार रखा गया है।
प्रमुख फ्यूजन और डिजाइन संयोजन
इस संग्रह ने भारतीय बुनाई को वैश्विक फैशन के लेंस से देखते हुए विशिष्ट सांस्कृतिक सिल्हूट के साथ जोड़ा है:
| भारतीय हथकरघा (बुनाई) | वैश्विक प्रेरणा/सिल्हूट |
| ओडिशा इकत (Ikat) | ग्रीक (यूनानी) स्वरूप |
| कांचीपुरम | नॉर्वेजियन रेखाएं और डिजाइन |
| मुगा सिल्क | मिस्र (Egyptian) के तत्व |
| पटोला | स्पेनिश प्रभाव |
| बनारसी | संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से प्रेरित पहनावा |
विरासत और निरंतरता
यह पहल भारत की हथकरघा परंपराओं की गहराई और निरंतरता को दर्शाती है। ये ऐसी तकनीकें हैं जिन्हें पीढ़ियों से संरक्षित और परिष्कृत किया गया है, जो देश की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग हैं। इस वैश्विक प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय हथकरघा शब्दावली (vocabulary) को एक नया डिजाइन दृष्टिकोण मिला है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी मांग और पहचान बढ़ा सकता है।


