महासागरों के गर्म होने से तटीय महानगरों में ‘समुद्री-भूमि समीर दिवस’ कम हुए

हाल ही में हुए एक अध्ययन से पता चलता है कि समुद्र की सतह के तापमान (SST) में ऐतिहासिक वृद्धि ने 67% तटीय शहरों में समुद्र-भूमि समीर (Sea-land breeze – SLB) वाले दिनों में 3-45% की कमी कर दी है। इसमें मध्य-अक्षांश (mid-latitude) वाले शहरों में सबसे बड़ी गिरावट (29–45%) देखी गई है, जिसका मुख्य कारण दिन के दौरान समुद्र और भूमि के तापीय अंतर (thermal contrast) में 5% से अधिक की कमी आना है।

समुद्र के गर्म होने के कारण SLB दिनों में आने वाली यह कमी तटीय जीवन जीने की सुगमता (liveability) के लिए एक गंभीर लेकिन अनदेखा खतरा पैदा करती है।

समुद्र-भूमि समीर (SLB) क्या है?

एक SLB दिन वह होता है जो पूरी तरह से ताप-संचालित वायु परिसंचरण (circulation) द्वारा नियंत्रित होता है। इसमें बड़े पैमाने पर मौसम संबंधी दबाव (synoptic forcing) की अनुपस्थिति में हवाएं बारी-बारी से समुद्र और भूमि की दिशा में चलती हैं।

  • दिन के दौरान (समुद्र समीर): भूमि समुद्र की तुलना में तेजी से गर्म होती है, जिससे कम दबाव का क्षेत्र बनता है और समुद्र से ठंडी हवा जमीन की ओर खिंची चली आती है।
  • रात के दौरान (भूमि समीर): भूमि तेजी से ठंडी हो जाती है, जिससे हवा का प्रवाह भूमि से समुद्र की ओर होने लगता है।

तटीय शहरों के लिए इसका महत्व

समुद्र और भूमि के बीच तापीय अंतर से चलने वाला यह चक्र तटीय शहरों में एक प्रमुख वायु प्रणाली बनाता है जो निम्नलिखित लाभ प्रदान करता है:

  • शहरी ऊष्मा द्वीप (Urban Heat Islands) में कमी: यह शहरों की बढ़ती गर्मी को कम करता है।
  • हवा की गुणवत्ता में सुधार: यह प्रदूषित हवा को साफ करने और वेंटिलेशन (ventilation) में सुधार करने में मदद करता है।
  • समुद्री हवा का परिवहन: ठंडी समुद्री हवा को अंदरूनी हिस्सों तक पहुँचाकर यह गर्मियों की तपिश को कम करता है और तापीय आराम (thermal comfort) को बढ़ाता है।

Source: Nature Journal

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