विकासशील देशों ने पहली बार ‘बॉरोअर्स प्लेटफॉर्म’ का शुभारंभ किया

विकासशील देशों ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)-विश्व बैंक की स्प्रिंग मीटिंग्स 2026 में पहली बार ‘बॉरोअर्स प्लेटफॉर्म’ (Borrowers’ Platform) का शुभारंभ किया है। नीति निर्माताओं ने इसे लंबे समय से ऋणदाताओं (creditors) के हितों के अनुरूप बने वैश्विक वित्तीय तंत्र को पुन: संतुलित करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

यह पहल, जिसमें अंकटाड (UNCTAD) सचिवालय के रूप में कार्य कर रहा है, विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के लिए ज्ञान साझा करने, समन्वय मजबूत करने और संप्रभु ऋण (sovereign debt) की चुनौतियों पर एक सामूहिक दृष्टिकोण व्यक्त करने के लिए एक समर्पित मंच तैयार करती है।

पृष्ठभूमि और ऋण के आंकड़े:

इस पहल की शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब विकासशील देशों में ऋण का स्तर काफी ऊंचा बना हुआ है और लगातार बढ़ रहा है:

  • बाहरी ऋण: 2024 में यह 11.7 ट्रिलियन डॉलर था।
  • वैश्विक सार्वजनिक ऋण: कुल 102 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक सार्वजनिक ऋण में विकासशील देशों की हिस्सेदारी लगभग 31 ट्रिलियन डॉलर है।
  • विकास की गति: UNCTAD के अनुसार, हालांकि विकासशील देशों की हिस्सेदारी कम है, लेकिन 2010 के बाद से उनका ऋण विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में दोगुनी गति से बढ़ा है।

प्लेटफॉर्म के कार्य और लाभ:

यह प्लेटफॉर्म अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय ढांचे की एक बड़ी कमी को पूरा करता है। इसके माध्यम से देश:

  • अनुभवों और व्यावहारिक समाधानों को साझा कर सकेंगे।
  • एक-दूसरे से सीखकर ऋण से जुड़ी चुनौतियों के प्रबंधन की अपनी क्षमता को मजबूत करेंगे।
  • वैश्विक वित्तीय और ऋण समझौता वार्ताओं में अधिक प्रभावी ढंग से भाग ले सकेंगे।
  • ऋण स्थिरता और पारदर्शिता में सुधार करके बाजार को सकारात्मक संकेत भेज सकेंगे। 

यह प्लेटफॉर्म क्या ‘नहीं’ है:

यह स्पष्ट किया गया है कि यह प्लेटफॉर्म निम्नलिखित रूपों में कार्य नहीं करेगा:

  • यह कोई संकट समन्वय तंत्र (crisis coordination mechanism) नहीं है।
  • यह सामूहिक ऋण पुनर्गठन वार्ताओं (collective debt restructuring negotiations) का मंच नहीं है।

यह कोई मानक-निर्धारण (standard-setting) या सामूहिक सौदेबाजी  करने वाली संस्था नहीं है।

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