AI गवर्नेंस और इकोनॉमिक ग्रुप (AIGEG) का गठन
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने AI गवर्नेंस और इकोनॉमिक ग्रुप (AIGEG) का गठन किया है। यह एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी निकाय है जो AI गवर्नेंस नीति विकास और समन्वय के लिए भारत के केंद्रीय संस्थागत तंत्र के रूप में कार्य करेगा।
AIGEG का गठन भारत के ‘AI गवर्नेंस गाइडलाइन्स’ और ‘आर्थिक सर्वेक्षण’ (Economic Survey) में की गई संस्थागत सिफारिशों को औपचारिक रूप देता है।
मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य:
- समग्र सरकारी दृष्टिकोण: दिशानिर्देश एक अंतर-मंत्रालयी निकाय की स्थापना की सिफारिश करते हैं ताकि AI गवर्नेंस के प्रति पूरे सरकार के दृष्टिकोण को संचालित किया जा सके। इसका लक्ष्य मंत्रालयों, विभागों, नियामकों और सलाहकार निकायों के कार्यों को एक सुसंगत राष्ट्रीय रणनीति के साथ संरेखित करना है।
- समन्वय और स्थिरता: आर्थिक सर्वेक्षण एक ऐसे समन्वय प्राधिकरण की आवश्यकता की पहचान करता है जो AI की तैनाती को श्रम वास्तविकताओं और सामाजिक स्थिरता की प्राथमिकताओं के साथ जोड़ने में सक्षम हो।
- नेतृत्व: AIGEG की अध्यक्षता इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, रेलवे तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव करेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री, श्री जितिन प्रसाद, इसके उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे।
- सदस्यता: AIGEG की सदस्यता में नीति विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और आर्थिक मामलों के सरकारी वरिष्ठ हितधारकों को शामिल किया गया है।
संस्थागत ढांचा:
AIGEG भारत के AI गवर्नेंस संस्थागत ढांचे के भीतर शीर्ष अंतर-मंत्रालयी निकाय के रूप में कार्य करेगा।
- AIGEG (शीर्ष निकाय): नीति निर्माण और उच्च-स्तरीय समन्वय के लिए जिम्मेदार।
- TPEC (सहायक समिति): इसे एक प्रौद्योगिकी और नीति विशेषज्ञ समिति (TPEC) द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।
TPEC की भूमिका: यह समिति वैश्विक विकास, उभरती प्रौद्योगिकियों, जोखिमों, विनियमन और AI नीति एवं शासन से संबंधित अन्य विकसित प्राथमिकताओं पर AIGEG को विशेषज्ञ सलाह प्रदान करेगी।


