माइक्रोबियल मीथेन का उत्सर्जन
मैकगिल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए एक नए अध्ययन के अनुसार, गैर-उत्पादक तेल और गैस के कुओं से रिसने वाली माइक्रोबियल मीथेन (Microbial methane) का उत्सर्जन पहले के अनुमानों की तुलना में लगभग 1,000 गुना अधिक दर से हो रहा है।
अध्ययन के मुख्य बिंदु:
- अध्ययन का शीर्षक: “कनाडा में गैर-उत्पादक तेल और गैस के कुओं से रिसने वाली उपसतह मीथेन की उत्पत्ति” (Origins of Subsurface Methane Leaking from Nonproducing Oil and Gas Wells in Canada)।
- स्रोत: अध्ययन में पाया गया कि अधिकांश मीथेन रिसाव गहरे भूमिगत थर्मोजेनिक (thermogenic) स्रोतों से होता है, जो पेट्रोलियम भंडारों में उच्च तापमान के तहत बनते हैं।
- अल्प-अनुमानित योगदान: शोध में इस बात पर जोर दिया गया है कि माइक्रोबियल मीथेन का योगदान, जो आमतौर पर उथली संरचनाओं (shallow formations) से जुड़ा होता है, काफी कम करके आंका गया है।
- अनुसंधान का आधार: यह शोध कनाडा के 401 गैर-उत्पादक कुओं से एकत्र किए गए नमूनों पर आधारित है, विशेष रूप से पश्चिमी कनाडा में, जहाँ ऐसे 90 प्रतिशत से अधिक कुएं स्थित हैं।
माइक्रोबियल मीथेन (Biogenic Methane) क्या है?
माइक्रोबियल मीथेन, जिसे बायोजेनिक मीथेन भी कहा जाता है, सूक्ष्मजीवों द्वारा उत्पन्न होने वाली मीथेन गैस है।
- उत्पत्ति: इसका निर्माण मेथानोजेन्स (methanogens) नामक आर्किया (archaea) सूक्ष्मजीवों द्वारा किया जाता है।
- प्रक्रिया: ये सूक्ष्मजीव ऑक्सीजन रहित (अवायवीय/anaerobic) वातावरण में कार्बनिक पदार्थों के अपघटन के माध्यम से इस गैस का उत्पादन करते हैं।
- प्राकृतिक स्रोत: यह वैश्विक कार्बन चक्र का एक प्रमुख घटक है, जो आर्द्रभूमि (wetlands), धान के खेतों, लैंडफिल और जुगाली करने वाले पशुओं के पाचन तंत्र में उत्पन्न होती है।
Source: DTE


