शिक्षा मंत्रालय ने NCERT को ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा दिया
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने NCERT (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) को ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ (Deemed to be University) का दर्जा देने वाली एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। 30 मार्च, 2026 की इस अधिसूचना के बाद अब NCERT एक विश्वविद्यालय के रूप में कार्य कर सकेगा और अपनी डिग्री प्रदान कर सकेगा।
नया दर्जा और अधिकार
- डिग्री प्रदान करना: अब NCERT अपने स्वयं के स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और डॉक्टरेट (PhD) कार्यक्रम शुरू कर सकता है और छात्रों को डिग्री दे सकता है।
- क्षेत्रीय संस्थान: यह दर्जा NCERT के साथ-साथ उसके 6 क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों (RIEs) पर भी लागू होगा।
अनिवार्य शर्तें और मानक: विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के साथ ही मंत्रालय ने कुछ सख्त शर्तें भी रखी हैं:
- व्यावसायिकता पर रोक: NCERT किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जो ‘व्यावसायिक’ (Commercial) या ‘लाभ कमाने’ (Profit-making) वाली हो।
- UGC के नियम: सभी शैक्षणिक पाठ्यक्रम और कार्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और अन्य वैधानिक निकायों द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए।
- कैंपस विस्तार: नए ऑफ-कैंपस या विदेशी (offshore) कैंपस शुरू करने के लिए UGC के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
भविष्य की योजनाएं और शोध: मंत्रालय ने NCERT को निम्नलिखित क्षेत्रों में विस्तार करने का निर्देश दिया है:
- नवाचारी कार्यक्रम: संस्थान को केवल उभरते हुए क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप नए और नवीन अकादमिक क्षेत्रों में भी विस्तार करना चाहिए।
- अनुसंधान: विशेष रूप से शोध और डॉक्टरेट कार्यक्रमों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
पारदर्शिता और डिजिटल पहल: NCERT को अब आधुनिक शैक्षिक प्रणालियों को अपनाना होगा:
- NIRF रैंकिंग: अब NCERT को हर साल ‘नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क’ (NIRF) में भाग लेना होगा।
अकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC): छात्रों के लिए ABC आईडी बनाना और उनके क्रेडिट स्कोर को डिजिटल लॉकर में अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।


