भारत और चीन के बीच शिपकी ला दर्रे के माध्यम से व्यापार फिर शुरू होगा

भारत और चीन के बीच 1 जून से हिमाचल प्रदेश के शिपकी ला दर्रे (Shipki La Pass) के माध्यम से व्यापार शुरू होगा, और इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण तैयारियां की जा रही हैं। हाल ही में, जमीनी स्तर पर भारत-चीन शिपकी ला व्यापार समझौते को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक बैठक आयोजित की गई।

समुद्र तल से 3,930 मीटर की ऊंचाई पर स्थित शिपकी ला दर्रा, किन्नौर जिले में एक मोटर योग्य (वाहन चलने योग्य) पहाड़ी दर्रा है।

व्यापार का ऐतिहासिक संदर्भ:

  • ऐतिहासिक संधि: भारत-तिब्बत व्यापार का इतिहास बहुत पुराना है। 1697 में, तिब्बत (गादेन फोद्रंग) और बुशहर के राजा केहरी सिंह के बीच एक औपचारिक संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसने सुरक्षित मार्ग की गारंटी दी और एक दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारी को मजबूत किया।
  • वस्तु विनिमय (Barter System): पुराने हिंदुस्तान-तिब्बत रोड के माध्यम से व्यापार मुख्य रूप से वस्तु विनिमय के आधार पर किया जाता था।
  • अवरोध और बहाली: 1962 के भारत-चीन युद्ध के कारण यह व्यापार काफी हद तक रुक गया था, लेकिन कई दशकों के बाद 1994 में सीमित और विनियमित व्यापार फिर से शुरू हुआ, जिसे 2020 में कोविड के दौरान फिर से बंद कर दिया गया था।
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