जनगणना 2027 में दिव्यांगता की सभी 21 श्रेणियों को मान्यता
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि आगामी जनगणना 2027, प्रशिक्षित गणना और व्यापक रूप से बेहतर डेटा संग्रह के माध्यम से दिव्यांगता की सभी 21 श्रेणियों को मान्यता देने का एक ऐतिहासिक अवसर प्रदान करेगी।
नई दिल्ली में सांसदों के लिए दिव्यांगता पर भारत की पहली हैंडबुक, जिसका शीर्षक “बियॉन्ड द विजिबल: ए हैंडबुक ऑन डिसेबिलिटी इंक्लूजन फॉर पार्लियामेंटेरियंस” है, के विमोचन के अवसर पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि सटीक और विस्तृत डेटा सरकार को देश भर में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कहीं अधिक लक्षित और प्रभावी हस्तक्षेप डिजाइन करने में सक्षम बनाएगा।
श्री अठावले ने आगे कहा कि इस हैंडबुक का विमोचन संसद और सार्वजनिक जीवन में दिव्यांगता अधिकारों और समावेशी नीति निर्माण की चर्चा को और अधिक मुख्यधारा में लाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार की कई प्रमुख पहलों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें शामिल हैं:
- सुगम्य भारत अभियान (Accessible India Campaign)
- यूनीक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) पोर्टल
- पीएम-दक्ष (PM-DAKSH) के तहत कौशल विकास कार्यक्रम


