वैकल्पिक निवेश कोष (Alternative Investment Funds – AIFs) क्या हैं?
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने हाल ही में कहा कि वैकल्पिक निवेश कोष (Alternative Investment Funds – AIFs) भारत के पूंजी बाजार का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरे हैं। दिसंबर 2025 तक इनकी कुल प्रतिबद्धताएँ (total commitments) लगभग 15.7 ट्रिलियन रुपये तक पहुँच गई हैं।
IVCA Conclave 2026 में Mumbai में संबोधित करते हुए पांडेय ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच AIFs नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, लॉजिस्टिक्स और रणनीतिक विनिर्माण जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में वित्त प्रवाहित करने में तेजी से बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि भारत में वर्तमान में 1,700 से अधिक पंजीकृत AIFs हैं, जिनका निवेश लगभग 6.45 ट्रिलियन रुपये है। पिछले पाँच वर्षों में इनकी वृद्धि दर लगभग 30 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) रही है, जो इस क्षेत्र की तेज़ प्रगति को दर्शाती है।
AIF क्या है?
AIF भारत में स्थापित एक निजी तौर पर संचित (Privately Pooled) निवेश वाहन है। यह परिष्कृत (Sophisticated) निवेशकों (भारतीय या विदेशी) से धन एकत्र करता है और एक परिभाषित निवेश नीति के अनुसार निवेश करता है।
मुख्य विशेषताएं:
- यह म्यूचुअल फंड या कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम (CIS) के दायरे में नहीं आता।
- इसे SEBI द्वारा विनियमित किया जाता है।
- यह मुख्य रूप से नवीकरणीय ऊर्जा, भंडारण, लॉजिस्टिक्स और रणनीतिक विनिर्माण जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में वित्त पोषण करता है।
AIF की श्रेणियाँ और उदाहरण
AIF को उनकी निवेश रणनीति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है:
| श्रेणी | उदाहरण |
| Category I | वेंचर कैपिटल फंड (VCF), एंजेल फंड, SME फंड, सोशल वेंचर फंड, इंफ्रास्ट्रक्चर फंड। |
| Category II | डेट फंड (Debt Funds), प्राइवेट इक्विटी फंड (जो Cat I या III में नहीं हैं)। |
| Category III | हेज फंड (Hedge Funds), PIPE फंड (निजी इक्विटी जो सार्वजनिक कंपनियों में निवेश करती है)। |
| विशेष प्रकार | फंड ऑफ फंड्स (FoF): वह AIF जो किसी अन्य AIF में निवेश करता है। |
रणनीतिक महत्व
सेबी अध्यक्ष के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच AIFs भारत की अर्थव्यवस्था के लिए वित्त जुटाने का एक मजबूत स्तंभ बन गए हैं। ये फंड उन क्षेत्रों में पूंजी पहुंचा रहे हैं जो देश के दीर्घकालिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।


