V.O. चिदंबरनार बंदरगाह ‘डिजिटल ट्विन’ लागू करने वाला पहला प्रमुख भारतीय बंदरगाह बना

वी.ओ. चिदंबरनार (V.O.C.) पोर्ट अथॉरिटी ने पोर्ट प्रबंधन के लिए ‘डिजिटल ट्विन’ (Digital Twin) पहल शुरू करने वाला भारत का पहला बंदरगाह बनकर एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। यह कदम स्मार्ट, कुशल और तकनीक-संचालित समुद्री प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

डिजिटल ट्विन (Digital Twin) क्या है?

डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म बंदरगाह के बुनियादी ढांचे, परिचालन संपत्तियों और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की एक वास्तविक समय की आभासी प्रतिकृति (real-time virtual replica) तैयार करता है।

यह प्लेटफॉर्म निम्नलिखित उन्नत तकनीकों को जोड़कर वास्तविक समय की स्थितियों को लगातार प्रतिबिंबित (mirror) करता है:

  • IoT सेंसर्स और GPS ट्रैकिंग: संपत्तियों की सटीक स्थिति के लिए।
  • LiDAR मैपिंग और ड्रोन इमेजिंग: सटीक 3D मॉडल और विजुअलाइजेशन के लिए।
  • CCTV नेटवर्क: वास्तविक समय की निगरानी के लिए।

प्लेटफॉर्म के मुख्य लाभ

लाभविवरण
वास्तविक समय निगरानीबर्थ ऑक्युपेंसी (बर्थ की उपलब्धता), जहाज की आवाजाही और यार्ड क्षमता का लाइव विजुअलाइजेशन।
पूर्वानुमान आधारित रखरखाव (Predictive Maintenance)AI-आधारित निगरानी के माध्यम से क्रेन और अन्य उपकरणों के खराब होने से पहले ही मरम्मत की योजना बनाना।
परिचालन अनुकूलनजहाजों की इंटेलिजेंट शेड्यूलिंग के माध्यम से भीड़भाड़ (congestion) और प्रतीक्षा समय को कम करना।
संधारणीयता (Sustainability)डेटा-आधारित ऊर्जा और उत्सर्जन ट्रैकिंग के माध्यम से पर्यावरण प्रबंधन।
सिमुलेशन क्षमताएंपीक डिमांड या व्यवधानों के लिए “What-if” (यदि ऐसा हो तो क्या) मॉडलिंग के जरिए तैयारी करना।

Source: PIB

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