ज्वालामुखी उद्गार से ‘टेफ्रा (Tephra)’ का उत्सर्जन

हवाई (Hawaiʻi) द्वीप के हलेमाउमाउ (Halemaʻumaʻu) ज्वालामुखी उद्गार की 43 वीं घटना में विशाल मात्रा में टेफ्रा (Tephra) उत्पन्न हुई।

  • प्रभावित क्षेत्र: विस्फोट से उत्पन्न राख (Ash) और टेफ्रा ‘पुना’, ‘हिलो’ और ‘हामाकुआ’ तट तक फैल गए।
  • चेतावनी: प्रशासन ने इसके कारण अलर्ट स्तर बढ़ा दिया है, सड़कें बंद कर दी हैं और राख गिरने (Ash fall) की चेतावनी जारी की है।
  • हवाई के विशेष तत्व: राख के साथ-साथ ‘पेले के बाल’ (Pele’s hair)—जो कि ज्वालामुखी कांच के महीन धागे होते हैं—भी हवा के साथ दूर तक पहुँच रहे हैं।

यूएसजीएस (USGS) के अनुसार, ज्वालामुखी उद्गार के दौरान हवा में फेंकी गई किसी भी सामग्री को सामान्य रूप से ‘टेफ्रा’ कहा जाता है।

  • व्युत्पत्ति: यह प्राचीन ग्रीक शब्द ‘टेफ्रा’ से आया है, जिसका अर्थ है “राख”
  • श्रेणियाँ: इसमें सूक्ष्म राख के कणों से लेकर बड़े ज्वालामुखी बम (Volcanic bombs) तक शामिल हो सकते हैं।

पर्यावरण और समाज पर प्रभाव

टेफ्रा के प्रकारसंभावित प्रभाव
राख के बादल (Ash Clouds)ऊपरी वायुमंडल तक पहुँचकर तापमान कम कर सकते हैं और हवाई यात्रा में बाधा डाल सकते हैं।
सिंडर (Cinders/Scoria)आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र और बस्तियों को ढक देते हैं, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं और बुनियादी ढांचे को नुकसान होता है।
ज्वालामुखी बम (Bombs)बड़े आकार के कारण ये सीधे तौर पर इमारतों और बुनियादी ढांचे को नष्ट कर सकते हैं।

Source: USGS

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