भारतीय कृषि में ‘पोषक तत्व उपयोग दक्षता (NUE)’
न्यूट्रीएंट यूज एफिशिएंसी (NUE) या पोषक तत्व उपयोग दक्षता का तात्पर्य उपयोग किए गए उर्वरक पोषक तत्वों के उस अनुपात से है, जो फसलों द्वारा उनकी वृद्धि और पैदावार के लिए प्रभावी रूप से अवशोषित और उपयोग किए जाते हैं।
NUE का स्तर कई कारकों से प्रभावित होता है, जिनमें फसल का प्रकार, मिट्टी की स्थिति, कृषि-जलवायु भिन्नता, उर्वरक के स्रोत और उपयोग के तरीके, सिंचाई पद्धतियां और समग्र फसल प्रबंधन शामिल हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और अन्य अनुसंधान संस्थानों द्वारा किए गए प्रायोगिक अध्ययनों के अनुसार, भारत में NUE का अनुमान आमतौर पर इस प्रकार लगाया गया है:
- नाइट्रोजन (N): 30–45%
- फास्फोरस (P): 15–25%
- पोटेशियम (K): 50–60%
यह जानकारी रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने 10 मार्च 2026 को राज्यसभा में एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में प्रदान की थी।
Source: PIB


