नई स्टडी के अनुसार कीटो डाइट हाई ब्लड शुगर के मामलों में व्यायाम के फायदे बढ़ा सकती है
नेचर कम्युनिकेशंस (Nature Communications) पत्रिका में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन के अनुसार, रक्त शर्करा (Blood Sugar) का स्तर अधिक होने पर कम फैट के बजाय अधिक फैट खाने से शरीर को व्यायाम के अधिक लाभ मिल सकते हैं। यह शोध व्यायाम चिकित्सा वैज्ञानिक सारा लेस्सार्ड (Sarah Lessard) के नेतृत्व में किया गया है।
शोध के मुख्य निष्कर्ष:
- रक्त शर्करा का सामान्य होना: उच्च रक्त शर्करा वाले चूहों को जब कीटोजेनिक आहार (उच्च वसा, बहुत कम कार्बोहाइड्रेट) पर रखा गया, तो मात्र एक सप्ताह के भीतर उनका शुगर लेवल पूरी तरह सामान्य हो गया। लेस्सार्ड के अनुसार, “ऐसा लग रहा था मानो उन्हें मधुमेह था ही नहीं।”
- मांसपेशियों की संरचना में बदलाव: समय के साथ, इस आहार ने चूहों की मांसपेशियों की संरचना को बदल दिया। शोधकर्ताओं ने देखा कि मांसपेशियों में अधिक ऑक्सीडेटिव गुण (oxidative properties) विकसित हुए, जिससे वे एरोबिक व्यायाम के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया देने लगीं।
- सहनशक्ति में वृद्धि: जिन चूहों ने कीटोजेनिक आहार के साथ नियमित रूप से पहियों पर दौड़ने का व्यायाम किया, उनमें स्लो-ट्विच मसल फाइबर (slow-twitch muscle fibers) की संख्या बढ़ गई। ये फाइबर अधिक सहनशक्ति (endurance) से जुड़े होते हैं।
- ऑक्सीजन का कुशल उपयोग: परिणामों से पता चला कि शरीर ने ऑक्सीजन का अधिक कुशलता से उपयोग किया, जो उच्च एरोबिक क्षमता का संकेत है।
कीटोजेनिक आहार (Keto Diet) कैसे काम करता है?
कीटोजेनिक आहार शरीर को केटोसिस (Ketosis) नामक एक चयापचय अवस्था (metabolic state) में धकेलता है।
- ऊर्जा का स्रोत: इस अवस्था में शरीर ग्लूकोज (चीनी) के बजाय कीटोन बॉडीज (ketone bodies) और फैट को ऊर्जा के प्राथमिक स्रोत के रूप में उपयोग करना शुरू कर देता है।
- पारंपरिक सोच के विपरीत: यह दृष्टिकोण उन कम वसा वाले (low-fat) आहारों के विपरीत है जिनकी सिफारिश आमतौर पर स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों में की जाती है।
निष्कर्ष और महत्व:
यह शोध मेटाबॉलिक स्वास्थ्य (Metabolic Health) के लिए आहार और शारीरिक गतिविधि के तालमेल को देखने का एक नया नजरिया प्रदान करता है। विशेष रूप से मधुमेह या उच्च रक्त शर्करा वाले व्यक्तियों के लिए, यह अध्ययन सुझाव देता है कि सही प्रकार का आहार मांसपेशियों की कार्यक्षमता और व्यायाम के लाभों को नाटकीय रूप से बढ़ा सकता है।
Source: Science Daily


