डिफेंस फोर्सेज विजन 2047: ए रोडमैप फॉर ए फ्यूचर-रेडी इंडियन मिलिट्री
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 10 मार्च को ‘डिफेंस फोर्सेज विजन 2047: ए रोडमैप फॉर ए फ्यूचर-रेडी इंडियन मिलिट्री’ जारी किया। यह दस्तावेज़ भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष (2047) तक सशस्त्र बलों को एक आधुनिक, एकीकृत और तकनीकी रूप से उन्नत बल में बदलने की दीर्घकालिक योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।
मुख्य बिंदु:
- तैयारकर्ता: यह विजन दस्तावेज़ मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ (HQ IDS) द्वारा तैयार किया गया है।
- उद्देश्य: 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप सैन्य क्षमताओं को मजबूत करना।
- केंद्र बिंदु: रणनीतिक सुधार, क्षमता विकास और विकसित होती भू-राजनीतिक व सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक संगठनात्मक बदलाव।
विजन के प्रमुख स्तंभ:
1. एकीकरण और संयुक्तता (Jointness and Synergy): दस्तावेज़ का एक केंद्रीय तत्व तीनों सेनाओं—थल सेना, नौसेना और वायु सेना—के बीच बेहतर समन्वय और तालमेल है। इसका लक्ष्य योजना, संचालन और क्षमता विकास में सुधार करना है।
2. मल्टी-डोमेन और चुस्त सैन्य बल: सशस्त्र बलों को एक एकीकृत, मल्टी-डोमेन और चुस्त (Agile) सैन्य बल में बदलने की कल्पना की गई है, जो संघर्ष के पूरे स्पेक्ट्रम में विरोधियों को रोकने और प्रभावी ढंग से जवाब देने में सक्षम हो।
3. उन्नत तकनीक और नवाचार: भविष्य के युद्धों के लिए सेना को तैयार करने में आधुनिक तकनीकों, नवाचार (Innovation) और आधुनिक प्रशिक्षण प्रणालियों की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया गया है।
4. आत्मनिर्भरता (Aatmanirbharta): रोडमैप रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ के महत्व पर बल देता है। यह भारत की सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी तकनीकों और प्लेटफार्मों के विकास और अपनाने का आह्वान करता है।
कार्यान्वयन की रणनीति:
रोडमैप में एक चरणबद्ध दृष्टिकोण (Phased Approach) अपनाया गया है:
- अल्पकालिक (Short-term): तत्काल सुरक्षा जरूरतों को पूरा करना।
- मध्यकालिक (Mid-term): क्षमता निर्माण और आधुनिकीकरण।
- दीर्घकालिक प्राथमिकताएं (Long-term): 2047 तक पूर्ण तकनीकी और रणनीतिक श्रेष्ठता प्राप्त करना।


