ब्लू बुक प्रोटोकॉल
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में हुई “चूक” को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। केंद्र सरकार ने प्रोटोकॉल नियमों के “उल्लंघन” पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 7 मार्च 2026 को दार्जिलिंग जिले में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन’ के स्थान को बदलने और उनके स्वागत के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन न करने पर निराशा व्यक्त की।
क्या हैं स्वागत के नियम और परंपराएं?
नियमों के अनुसार, राष्ट्रपति के राज्य आगमन पर मुख्यमंत्री का मौजूद होना अनिवार्य नहीं है, लेकिन परंपरा और शिष्टाचार (Convention and Courtesy) के अनुसार, यदि मुख्यमंत्री अनुपलब्ध हैं, तो उन्हें राष्ट्रपति की अगवानी के लिए किसी वरिष्ठ मंत्री को नामित करना चाहिए। इस मामले में कथित तौर पर इस शिष्टाचार का पालन नहीं किया गया।
‘ब्लू बुक’ (Blue Book) क्या है?
राष्ट्रपति की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए ‘ब्लू बुक’ सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है:
- गोपनीय दस्तावेज: यह एक अत्यंत गोपनीय दस्तावेज है जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उनके परिवारों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल के विस्तृत नियम दिए गए हैं।
- तैयारी और अपडेशन: इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा तैयार और समय-समय पर अपडेट किया जाता है।
- सुरक्षित अभिरक्षा: इसकी प्रत्येक प्रति क्रमांकित (Numbered) होती है और इसे संबंधित अधिकारियों को ही वितरित किया जाता है। जमीनी स्तर पर, हर जिले में यह पुस्तक जिला मजिस्ट्रेट (DM) की कस्टडी में रहती है।
- कठोर प्रावधान: ब्लू बुक के प्रावधान इतने सख्त हैं कि इसमें एक मामूली विचलन (Deviation) भी कई स्तरों पर जांच का विषय बन जाता है।


