केंद्र सरकार ने बैंक डैशबोर्ड और मैनुअल लॉन्च किया

भारत के लेखा महानियंत्रक (CGA) ने 27 फरवरी को सरकारी लेनदेन संभालने वाले बैंकों के शासन और दक्षता को मजबूत करने के उद्देश्य से दो प्रमुख पहलें शुरू कीं – सरकारी बैंक डैशबोर्ड (Government Bank Dashboard) और सरकारी बैंक मैनुअल (Government Bank Manual)

सरकारी बैंक मैनुअल

सरकारी बैंक मैनुअल बैंकों के लिए सरकारी कामकाज संभालने हेतु एक व्यापक और मानकीकृत ढांचा प्रदान करता है। यह परिचालन प्रक्रियाओं, रिपोर्टिंग दायित्वों, समाधान (reconciliation) की समयसीमा और अनुपालन आवश्यकताओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है।

सरकारी बैंक डैशबोर्ड सरकारी कामकाज के संबंध में महत्वपूर्ण बैंकिंग कार्यों की वास्तविक समय (real-time) और डेटा-संचालित निगरानी की सुविधा प्रदान करता है। यह प्रेषण समयसीमा (remittance timelines), स्क्रॉल अनुपालन, समाधान स्थिति, लेनदेन सफलता दर और सेवा-स्तर के मानकों के पालन जैसे प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) को ट्रैक करता है।

भारत के लेखा महानियंत्रक (CGA)

व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय के तहत भारत के लेखा महानियंत्रक (CGA), भारत सरकार के प्रधान लेखा सलाहकार हैं और एक तकनीकी रूप से सुदृढ़ प्रबंधन लेखा प्रणाली (Management Accounting System) स्थापित करने और बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं।

CGA का कार्यालय केंद्र सरकार के लिए व्यय, राजस्व, ऋण और विभिन्न वित्तीय संकेतकों का मासिक और वार्षिक विश्लेषण तैयार करता है।

वार्षिक विनियोग खाते (सिविल) और संघ वित्त खाते संविधान के अनुच्छेद 150 के तहत संसद में प्रस्तुत किए जाते हैं। इन दस्तावेजों के साथ, ‘अकाउंट्स एट ए ग्लेंस’ (Accounts at a Glance) नामक एक एम.आई.एस (M.I.S) रिपोर्ट तैयार की जाती है और माननीय संसद सदस्यों को वितरित की जाती है।

वित्त मंत्रालय में भारत के लेखा महानियंत्रक (CGA) इस संगठन के प्रमुख होते हैं और इस प्रणाली के प्रशासन के लिए जिम्मेदार होते हैं।


मुख्य बिंदु और विश्लेषण

  • नई पहलें (New Initiatives): ‘डैशबोर्ड’ और ‘मैन्युअल’ का उद्देश्य सरकारी धन के प्रबंधन में पारदर्शिता और गति लाना है। यह सुनिश्चित करेगा कि बैंकों द्वारा सरकारी पैसा समय पर और सही तरीके से सरकार के खातों में जमा किया जाए।
  • CGA की भूमिका: ध्यान रहे कि CGA (Controller General of Accounts) और CAG (Comptroller and Auditor General) अलग-अलग होते हैं। CGA सरकार का आंतरिक लेखाकार (Accountant) है, जबकि CAG एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है जो ऑडिट (Audit) करती है।
  • संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 150 के अनुसार, संघ और राज्यों के खातों को ऐसे रूप में रखा जाएगा जैसा कि राष्ट्रपति, भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की सलाह पर निर्धारित करें। CGA इसी ढांचे के भीतर रिपोर्ट तैयार करता है।
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