प्रधानमंत्री मोदी ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित
भारत और इजराइल ने 26 फरवरी को अपने “समय की कसौटी पर खरे उतरे” संबंधों को एक विशेष रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया और जल्द ही एक “पारस्परिक रूप से लाभकारी” मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों ने एआई (AI), साइबर सुरक्षा, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों को कवर करने वाले कई समझौतों और ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
इजराइल में UPI के उपयोग के लिए भी एक समझौता किया गया है। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए पूरे भारत में इजराइली सहयोग से स्थापित ‘उत्कृष्टता केंद्रों’ (Centres of Excellence) की सफलता के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि सहयोग को और गहरा करने के लिए “उत्कृष्टता के गांवों” (Villages of Excellence) के निर्माण की घोषणा की।
मुख्य बिंदु और उपलब्धियां
- भारत-इजराइल उत्कृष्टता केंद्र (CoE): ये उच्च-तकनीकी, गहन कृषि केंद्र हैं जिन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल इजराइली कृषि-तकनीकों के हस्तांतरण की सुविधा के लिए स्थापित किया गया है।
- नेसेट (Knesset) में संबोधन: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 25 फरवरी 2026 को यरूशलेम में नेसेट के एक विशेष पूर्ण सत्र को संबोधित किया। वह इजराइली संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।
- सर्वोच्च सम्मान: संबोधन के बाद, इजराइल की संसद ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया। यह नेसेट का सर्वोच्च सम्मान है और प्रधानमंत्री मोदी इस पदक को प्राप्त करने वाले पहले विश्व नेता हैं। गौरतलब है कि 2018 में पीएम नरेंद्र मोदी को ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ पैलेस्टीन’ से भी सम्मानित किया गया था, जो विदेशी नेताओं के लिए फिलिस्तीन का सर्वोच्च सम्मान है।
- नेतृत्व की मान्यता: यह पदक भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए पीएम मोदी के व्यक्तिगत नेतृत्व और असाधारण योगदान की मान्यता में प्रदान किया गया।


