परमिशनयुक्त ब्लॉकचेन
ब्लॉकचेन एक अपरिवर्तनीय (immutable) लेनदेन लेज़र है, जिसे नोड्स (nodes) के एक वितरित पीयर-टू-पीयर (p2p) नेटवर्क के भीतर बनाए रखा जाता है। संक्षेप में, ब्लॉकचेन सूचनाओं को संग्रहीत करने का एक विकेंद्रीकृत तरीका है।
ब्लॉकचेन मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं: परमिशनयुक्त (Permissioned) और परमिशनलेस (Permissionless)।
1. परमिशनयुक्त ब्लॉकचेन (Permissioned Blockchains)
ये बंद नेटवर्क होते हैं जिनमें विकेंद्रीकरण सीमित होता है। इनमें एक्सेस कंट्रोल की एक अतिरिक्त परत और नामित संस्थाएं होती हैं।
मुख्य विशेषताएं:
- केंद्रीकृत प्राधिकरण: इसमें एक केंद्रीय प्राधिकरण होता है जो नेटवर्क को नियंत्रित करता है।
- आमंत्रण अनिवार्य: नेटवर्क में शामिल होने के लिए अनुमति या आमंत्रण की आवश्यकता होती है।
- गुमनामी का अभाव: नेटवर्क के सदस्यों की पहचान ज्ञात होती है।
- स्केलेबिलिटी: इसे प्रबंधित करना आसान होता है क्योंकि नोड्स की संख्या सीमित होती है।
2. परमिशनलेस ब्लॉकचेन (Permissionless Blockchains)
ये खुले और पूरी तरह से विकेंद्रीकृत नेटवर्क होते हैं जिनमें सर्वसम्मति (consensus) सत्यापन सार्वभौमिक होता है।
मुख्य विशेषताएं:
- खुला नेटवर्क: कोई भी व्यक्ति नेटवर्क में शामिल हो सकता है।
- लेज़र की प्रति: प्रत्येक सदस्य के पास लेज़र की एक प्रति हो सकती है।
- गुमनामी: इसमें उपयोगकर्ता अक्सर अज्ञात (Anonymous) रहते हैं (जैसे: बिटकॉइन)।
तुलनात्मक चार्ट
| विशेषता | परमिशनयुक्त (Permissioned) | परमिशनलेस (Permissionless) |
| एक्सेस | केवल अधिकृत उपयोगकर्ता | कोई भी (सार्वजनिक) |
| विकेंद्रीकरण | आंशिक/सीमित | पूर्ण |
| गति | तेज़ (कम नोड्स के कारण) | धीमी (अधिक नोड्स के कारण) |
| उपयोग | सरकारी डेटा, बैंकिंग, सप्लाई चेन | क्रिप्टोकरेंसी (Bitcoin, Ethereum) |


