भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में मछली पकड़ने के लिए ‘एक्सेस पास’ लॉन्च किया गया

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री (MoFAHD) ने 20 फरवरी 2026 को वेरावल, गुजरात के केसीसी (KCC) ग्राउंड में भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में मछली पकड़ने के लिए ‘एक्सेस पास’ (Access Pass) लॉन्च किया।

एक्सेस पास का शुभारंभ भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के लिए एक आधुनिक, टिकाऊ और मछुआरा-केंद्रित शासन ढांचे को क्रियान्वित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसका उद्देश्य अपतटीय (offshore) मछली पकड़ने का विस्तार करना, मछुआरों की आय में वृद्धि करना, समुद्री संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना और एक लचीली एवं समावेशी नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है।

भारत का अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) लगभग 24 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, जिसमें समुद्री मत्स्य विकास, आजीविका सृजन और निर्यात विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान में, भारतीय जहाजों द्वारा मछली पकड़ने की अधिकांश गतिविधि तट से केवल 40-50 समुद्री मील (nautical miles) के भीतर के जल तक ही सीमित है। इस सीमा के बाहर का विशाल क्षेत्र (EEZ) काफी हद तक कम उपयोग में बना हुआ है, जबकि वैज्ञानिक आकलन बताते हैं कि वहाँ विशेष रूप से टूना (tuna) और टूना जैसी उच्च-मूल्य वाली समुद्री प्रजातियों के लिए पर्याप्त क्षमता मौजूद है।

इस क्षमता का लाभ उठाने के लिए, भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2025-26 की घोषणा के अनुरूप, 4 नवंबर 2025 को “अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में मत्स्य पालन का सतत दोहन, 2025” नियम अधिसूचित किए थे।

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