भारत के ‘मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स’ का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्यिक आसूचना एवं सांख्यिकी महानिदेशालय (DGCI&S) ने भारत के ‘मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स’ (Merchandise Trade Indices) के आधार वर्ष (base year) को वित्त वर्ष 2012-13 से बदलकर वित्त वर्ष 2022-23 (2022-23 = 100) कर दिया है। यह बदलाव अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तनों, वस्तुओं की संरचना में आए बदलावों, विकसित होते व्यापार पैटर्न और समकालीन व्यापक आर्थिक संकेतकों (macroeconomic indicators) के साथ बेहतर तालमेल की आवश्यकता को देखते हुए किया गया है।

‘मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स’ का संकलन और प्रकाशन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के DGCI&S द्वारा किया जाता है, ताकि समय के साथ भारत के निर्यात और आयात के इकाई मूल्यों (कीमतों) में होने वाले परिवर्तनों को मापा जा सके। ये सूचकांक बाहरी क्षेत्र के मूल्य उतार-चढ़ाव के महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में कार्य करते हैं और आर्थिक विश्लेषण के लिए व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं, जिसमें राष्ट्रीय खातों का संकलन और व्यापार की शर्तों (terms of trade) का मूल्यांकन शामिल है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय का राष्ट्रीय लेखा प्रभाग (NAD), सकल घरेलू उत्पाद (GDP) संकलन में वास्तविक निर्यात और आयात का अनुमान लगाने के लिए ‘निर्यात और आयात इकाई मूल्य सूचकांकों’ का उपयोग डिफ्लेटर्स (deflators) के रूप में करता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बाहरी क्षेत्र के मूल्यांकन, भुगतान संतुलन (BoP) विश्लेषण और मूल्य प्रतिस्पर्धात्मकता के मूल्यांकन के लिए इन सूचकांकों पर निर्भर करता है।

शुद्ध व्यापार शर्तें (Net Terms of Trade), जिन्हें वस्तु व्यापार शर्तें (commodity Terms of Trade) भी कहा जाता है, को आयात कीमतों के मुकाबले निर्यात कीमतों के अनुपात के रूप में परिभाषित किया गया है।

error: Content is protected !!