अल्फाबेट ने “सेंचुरी बॉण्ड्स” जारी किए

गूगल की मूल कंपनी, अल्फाबेट (Alphabet) ने ऐसे वित्तीय साधनों (financial instruments) को जारी करने का विकल्प चुना है जो उसके अधिकांश कर्मचारियों के जीवनकाल से भी अधिक समय तक प्रभावी रहेंगे। इस दिग्गज टेक कंपनी ने “सेंचुरी बॉन्ड्स” (century bonds) जारी किए हैं—ऐसा ऋण जो 22वीं शताब्दी तक परिपक्व (mature) नहीं होगा।

स्टर्लिंग (पाउंड) में गूगल के स्वामित्व वाली कंपनी द्वारा पहली बार जारी किया गया यह सेंचुरी बॉन्ड, लगभग $20 बिलियन के व्यापक मल्टी-ट्रेंच (बहु-किस्त) और मल्टी-करेंसी (बहु-मुद्रा) उधारी अभियान का हिस्सा है। इस पेशकश में डॉलर, यूरो और स्टर्लिंग में विभिन्न परिपक्वता अवधि शामिल हैं, साथ ही स्विस फ्रैंक में भी पहली बार बॉन्ड जारी किया गया है।

सेंचुरी बॉन्ड्स अभी भी दुर्लभ हैं और इन्हें आमतौर पर कॉर्पोरेट उधारकर्ताओं के बजाय सरकारों के साथ जोड़ा जाता है। इनकी मांग आमतौर पर पेंशन फंड और बीमा कंपनियों जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों से आती है, जो अपनी दीर्घकालिक देनदारियों (long-term liabilities) के मिलान की तलाश में रहते हैं।

अल्फाबेट अब स्टर्लिंग-मूल्यवर्ग वाले सेंचुरी बॉन्ड जारीकर्ताओं के एक छोटे समूह में शामिल हो गया है, जिसमें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, वेलकम ट्रस्ट, ईडीएफ एनर्जी (EDF Energy) और मेक्सिको की सरकार शामिल हैं।

सेंचुरी बॉन्ड्स दुर्लभ, अति-दीर्घकालिक कॉर्पोरेट या सरकारी ऋण प्रतिभूतियां (debt securities) हैं जिनकी परिपक्वता अवधि 100 वर्ष होती है, जिन्हें पीढ़ियों के लिए वित्तपोषण (financing) सुरक्षित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन बॉन्ड्स के लिए भारी मांग—जैसा कि रिपोर्टों के अनुसार पेशकश के आकार से कई गुना अधिक मिले ऑर्डर्स से सिद्ध होता है—यह संकेत देती है कि पेंशन फंड और बीमा कंपनियों जैसे दीर्घकालिक संस्थागत निवेशक गूगल की भविष्य की संभावनाओं को लेकर अत्यधिक आशावादी (bullish) हैं।

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