सफेद गले वाली गौरैया-चार लैंगिक लक्षण प्रदर्शित करने वाला पक्षी

सफेद गले वाली गौरैया (white-throated sparrowZonotrichia albicollis) के अध्ययनों से पता चला है कि प्रकृति यौन और सामाजिक भूमिकाओं का एक स्पेक्ट्रम बनाने के लिए जटिल आनुवंशिक प्रणालियों का उपयोग करती है। यह गौरैया एक ऐसा सॉन्गबर्ड है जिसे इसके काले-सफेद या भूरे-तंग (tan-brown) धारीदार सिर, प्रत्येक आंख के ऊपर एक चमकीले पीले धब्बे और गले पर एक सफेद पैच द्वारा पहचाना जा सकता है।

यह पक्षी दो नहीं, बल्कि चार अलग-अलग लैंगिक लक्षण प्रदर्शित करता है, और प्रत्येक लैंगिक लक्षण इसके जटिल सामाजिक और प्रजनन व्यवहार को बुनने में मौलिक भूमिका निभाता है। इस प्रजाति के सिर पर दो अलग-अलग पंख पैटर्न होते हैं: सफेद-धारीदार (white-striped) और तंग-धारीदार (tan-striped), और ये दोनों ही नर और मादा दोनों में पाए जाते हैं।

ये पैटर्न उनके डीएनए के गुणसूत्र 2 (chromosome 2) में मौजूद एक विशेष सुपरजीन (supergene) से जुड़े हैं, जो लगभग 20 लाख साल पहले उभरा था। सुपरजीन डीएनए का एक ऐसा हिस्सा होता है जिसमें कई पड़ोसी जीन (या जीन वेरिएंट) होते हैं जो एक पैकेज के रूप में एक साथ विरासत में मिलते हैं। सफेद गले वाली गौरैया में यह सुपरजीन उनके अनूठे ‘डिसअसॉर्टेटिव मीटिंग सिस्टम’ (disassortative mating system) को नियंत्रित करता है: एक सफेद-धारीदार पक्षी लगभग हमेशा एक तंग-धारीदार पक्षी के साथ ही जोड़ा बनाता है।

यह प्रणाली चार अलग-अलग व्यवहारिक लिंग बनाती है:

  1. सफेद-धारीदार नर
  2. सफेद-धारीदार मादा
  3. तंग-धारीदार नर
  4. तंग-धारीदार मादा

इनमें से प्रत्येक आक्रामकता, गायन की आवृत्ति और पैरेंटल देखभाल (parental care) के लिए अलग-अलग जीवन-इतिहास रणनीतियों का उपयोग करता है। सफेद गले वाली गौरैया के ये दो रूप (morphs) अपने सामाजिक व्यवहार में भी नाटकीय रूप से भिन्न होते हैं। वे अपना वसंत उत्तर-पूर्वी अमेरिका और कनाडा के जंगलों में बिताते हैं और सर्दियों में दक्षिण-पूर्वी अमेरिका की ओर प्रवास करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि, हालांकि वे सामाजिक रूप से एक ही साथी के साथ जीवन भर (monogamous) रहते हैं, लेकिन उनका यौन जीवन अक्सर बहु-साथी (polygamous) वाला होता है, जहाँ एक ही घोंसले की 40% तक संतानों के पिता अन्य नर हो सकते हैं।

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