भारत ने जबलपुर में एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के लिए छोटे हथियारों (SALW) के कंट्रोल पर पहला UN ट्रेनिंग प्रोग्राम होस्ट किया
भारतीय सेना एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए छोटे हथियारों और हल्के हथियारों (SALW) के नियंत्रण पर पहले ‘संयुक्त राष्ट्र फेलोशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम’ की मेजबानी कर रही है। एशिया में अपनी तरह का यह पहला आयोजन है।
मुख्य विवरण:
- अवधि: 16 फरवरी से 6 मार्च, 2026 (तीन सप्ताह)।
- स्थान: सामग्री प्रबंधन सैन्य कॉलेज (MCMM), जबलपुर, मध्य प्रदेश।
- आयोजक: यह कार्यक्रम विदेश मंत्रालय (MEA) और रक्षा मंत्रालय (MoD) के तत्वावधान में संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण मामलों के कार्यालय (UNODA) द्वारा अपने क्षेत्रीय केंद्र (UNRCPD) के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है।
- भागीदारी: इसमें एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 13 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य:
इस फेलोशिप का मुख्य लक्ष्य उन सरकारी अधिकारियों की तकनीकी और परिचालन क्षमता का निर्माण करना है जो निम्नलिखित वैश्विक ढांचों को लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं:
- UN Programme of Action (PoA): संयुक्त राष्ट्र कार्ययोजना।
- International Tracing Instrument (ITI): अंतर्राष्ट्रीय अनुरेखण उपकरण।
ये दोनों ढांचे छोटे हथियारों और हल्के हथियारों के अवैध व्यापार, विचलन (Diversion) और दुरुपयोग को रोकने के लिए बनाए गए प्रमुख वैश्विक तंत्र हैं।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ को प्रदर्शित करता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अवैध हथियारों के प्रसार को रोकने की दिशा में एक ठोस कदम भी है।


