कोरम सेंसिंग क्या है?
प्रसिद्ध आणविक जीवविज्ञानी (Molecular Biologist) और प्रिंसटन विश्वविद्यालय की प्रोफेसर बोनी बैसलर ने बैक्टीरिया को “जादुई सूक्ष्मजीव” (Magical Microbes) के रूप में वर्णित किया है। उनके शोध ने यह स्पष्ट किया है कि ये सूक्ष्मजीव न केवल हमें बीमार करते हैं, बल्कि वे जीवन के लिए अनिवार्य भी हैं।
उनकी सबसे महत्वपूर्ण खोज “कोरम सेंसिंग” (Quorum Sensing) है, जो चिकित्सा, पर्यावरण और कृषि के क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोल रही है।
कोरम सेंसिंग: बैक्टीरिया की अपनी भाषा
बैक्टीरिया एक रासायनिक भाषा के माध्यम से आपस में संवाद करते हैं, जिसे ‘कोरम सेंसिंग’ कहा जाता है।
- यह कैसे काम करता है? बैक्टीरिया रसायनों का स्राव करते हैं। जब उनकी संख्या एक निश्चित सीमा (कोरम) तक पहुँच जाती है, तो वे एक साथ सामूहिक रूप से कार्य करना शुरू कर देते हैं।
- महत्व: इसी संचार के माध्यम से वे हमला करते हैं या अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियाँ (जैसे प्रकाश पैदा करना) करते हैं।
- एंटी-कोरम सेंसिंग थेरेपी: एंटीबायोटिक दवाओं के विकल्प के रूप में ऐसी दवाएं विकसित की जा सकती हैं जो बैक्टीरिया की इस बातचीत को बाधित कर दें, जिससे वे हमला करने में असमर्थ हो जाएं।
विभ्रियो फिशेरी (Vibrio fischeri) और स्क्विड का सहजीवन
बैसलर ने Vibrio fischeri (एक चमकदार बैक्टीरिया) और हवाई तट पर पाए जाने वाले एक स्क्विड के बीच के अद्भुत संबंध को विस्तार से समझाया है:
- सहजीवन (Symbiosis): यह बैक्टीरिया स्क्विड के भीतर रहता है और नीली रोशनी पैदा करता है।
- सुरक्षा (Counter-illumination): स्क्विड एक रात्रिचर प्राणी है। चाँदनी रात में शिकार करते समय उसकी परछाई शिकारियों को उसका पता बता सकती है।
- छाया-रहित अस्तित्व: बैक्टीरिया स्क्विड के नीचे की ओर चमकते हैं, जिससे स्क्विड की परछाई खत्म हो जाती है और वह शिकारियों से सुरक्षित रहता है।
मित्र और शत्रु बैक्टीरिया
- विभ्रियो कोलेरी (Vibrio cholerae): इसे बैसलर ने “भयानक चचेरा भाई” कहा है। यह हैजा पैदा करने वाला घातक बैक्टीरिया है जो कोरम सेंसिंग का उपयोग करके ही हमारे शरीर में जहर फैलाता है।
- प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System): हमारे जन्म के तुरंत बाद बैक्टीरिया हमारे शरीर में बसना शुरू कर देते हैं। वे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रशिक्षित करते हैं ताकि वह हानिकारक बैक्टीरिया को बाहर रखे और अच्छे बैक्टीरिया को अंदर आने दे।
भविष्य की संभावनाएं
एंटीबायोटिक्स के बढ़ते प्रतिरोध (Resistance) को देखते हुए, ‘एंटी-कोरम सेंसिंग’ दवाएं चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती हैं। ये बैक्टीरिया को मारने के बजाय उन्हें “चुप” करा देंगी, जिससे वे बीमारी फैलाने में सक्षम नहीं रहेंगे।


