मोंस माउटन में उतरेगा चंद्रयान-4 मिशन का लैंडर

ISRO ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (South Polar region) में चंद्रयान-4 मिशन के लैंडर को उतारने के लिए एक स्थान की पहचान की है। ISRO ने मोंस माउटन (Mons Mouton – MM) क्षेत्र के चार संभावित स्थलों (MM-1, MM-3, MM-4 और MM-5) का विश्लेषण किया और अंततः MM-4 को लैंडिंग के लिए सबसे उपयुक्त पाया।

चंद्रयान-4 मिशन के बारे में मुख्य जानकारी:

  • मिशन का स्वरूप: केंद्र सरकार ने चंद्रयान-4 मिशन को मंजूरी दे दी है, जिसे ‘लूनर सैंपल-रिटर्न मिशन’ (lunar sample-return mission) के रूप में डिजाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह से नमूने (Soil/Rock) एकत्र करना और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना है।
  • जटिलता: यह भारत का अब तक का सबसे जटिल चंद्र मिशन होगा।

मिशन के पांच प्रमुख मॉड्यूल:

चंद्रयान-4 की संरचना अत्यंत उन्नत है, जिसमें पांच अलग-अलग मॉड्यूल शामिल हैं:

  1. प्रोपल्शन मॉड्यूल (Propulsion Module – PM): यह पूरे अंतरिक्ष यान को चंद्रमा की कक्षा तक ले जाएगा।
  2. डिसेंडर मॉड्यूल (Descender Module – DM): यह लैंडर का वह हिस्सा है जो चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग सुनिश्चित करेगा।
  3. असेंडर मॉड्यूल (Ascender Module – AM): नमूने एकत्र करने के बाद, यह मॉड्यूल चंद्रमा की सतह से उड़ान भरकर वापस चंद्रमा की कक्षा में जाएगा।
  4. ट्रांसफर मॉड्यूल (Transfer Module – TM): यह मॉड्यूल चंद्रमा की कक्षा में नमूनों को पृथ्वी की ओर लौटने वाले मॉड्यूल तक स्थानांतरित करने में मदद करेगा।
  5. री-एंट्री मॉड्यूल (Re-entry Module – RM): यह अंतिम कैप्सूल है जो चंद्रमा के नमूनों को लेकर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा और सुरक्षित लैंडिंग करेगा।

Source: TH

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